नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में आपातकालीन ‘108 एंबुलेंस सेवा’ के दुरुपयोग की एक हैरान करने वाली और गंभीर तस्वीर सामने आई है। जिस एंबुलेंस को गंभीर मरीजों और हादसों के शिकार लोगों की जान बचाने के लिए चौबीसों घंटे तैनात रखा जाता है, रात के अंधेरे में उसमें मरीजों के बजाय सब्जियों से भरे बोरे और कट्टे लादे जा रहे थे। शहर के हीरो होंडा चौक के पास रविवार रात करीब 11:30 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एंबुलेंस के पिछले दरवाजे खोलकर स्ट्रेचर वाली जगह पर सब्जियों के बोरे रखे जाते साफ नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो का सच: स्ट्रेचर की जगह भरे कट्टे, फिर फर्राटा भरती निकली एंबुलेंस
वायरल वीडियो के अनुसार:
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सब्जियां लादीं: रात करीब 11:30 बजे हीरो होंडा चौक के पास 108 एंबुलेंस रुकी। इसके पिछले गेट खोलकर स्ट्रेचर की जगह बड़े-बड़े सब्जियों के बोरे रखे गए।
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सवारी भी बिठाई: सब्जियां लादने के बाद बाहर खड़े एक व्यक्ति को एंबुलेंस के पिछले हिस्से में बैठाया गया और गेट बंद कर दिया गया।
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तेज रफ्तार से रवाना: कुछ दूरी पर जाकर वह व्यक्ति ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा, जिसके बाद चालक एंबुलेंस को तेज गति से लेकर रवाना हो गया।

एंबुलेंस के अभाव में तड़पकर दम तोड़ चुकी हैं 80 वर्षीय बुजुर्ग
यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि जिले में समय पर 108 एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीज जान गंवा रहे हैं:
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13 जुलाई की घटना: नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर रात 10:45 बजे अहिल्याबाई एक्सप्रेस की चपेट में आने से 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
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घंटे भर इंतजार: आरपीएफ, जीआरपी और 112 डायल स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद एंबुलेंस करीब 1 घंटे देरी से (रात 11:50 बजे) पहुंची। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण अगली सुबह बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी।

पिपरिया, बनखेड़ी और सोहागपुर में भी माल ढोने के गंभीर आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नर्मदापुरम शहर के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी और सोहागपुर क्षेत्रों में भी रात के समय 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल सामान और सवारियां ढोने के लिए किया जा रहा है। इसके बदले एंबुलेंस स्टाफ द्वारा अवैध रूप से किराया वसूलने की भी शिकायतें हैं।
स्वास्थ्य विभाग सख्त, CMHO बोले— ‘दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई’
मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है:
“एंबुलेंस में सब्जियां ढोने का मामला मेरे संज्ञान में आया है, यह अत्यंत गंभीर है। 108 सेवा की मॉनिटरिंग जिला समन्वयक करते हैं। संबंधित एंबुलेंस की जीपीएस (GPS) लोकेशन, ट्रिप रिकॉर्ड और लॉगबुक का मिलान कर जिम्मेदार पायलट और ईएमटी (EMT) पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”— डॉ. नरसिंह गेहलोत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO, नर्मदापुरम)
वहीं, 108 एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक संतोष सिंह ने बताया कि संबंधित वाहन में तैनात चालक (पायलट) और मेडिकल तकनीशियन (EMT) को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जा रहा है।
जांच के मुख्य बिंदु
| जांच का बिंदु | विवरण / विवरण का आधार |
| वाहन की पहचान | जीपीएस लोकेशन और लॉगबुक से एंबुलेंस केंद्र का पता लगाना |
| तैनात स्टाफ | घटना के वक्त ऑन-ड्यूटी पायलट एवं ईएमटी की जानकारी |
| ट्रिप रिकॉर्ड | क्या उस वक्त कंट्रोल रूम से मरीज के लिए कोई कॉल आवंटित थी? |
| व्यावसायिक उपयोग | सब्जियां किसकी थीं और क्या इसके बदले किराया लिया गया? |










