मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मगरोन थाना क्षेत्र अंतर्गत कबीरपुर गांव से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर संदेह और अपने ही छोटे भाई (देवर) से प्रेम संबंधों की आशंका के चलते पति द्वारका पटेल ने अपनी 27 वर्षीय पत्नी और 3 मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 3 घंटे तक खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा रहा और पुलिस के आने पर खुद को उनके हवाले कर दिया। अदालत में पेशी और मेडिकल जांच के दौरान आरोपी के सिर पर जरा सा भी पश्चाताप नहीं था। उसने बेखौफ होकर पुलिस से कहा कि उसे अपने परिवार को खत्म करने का कोई अफसोस या पछतावा नहीं है।

कबीरपुर में रात को गाए गए भजन, सुबह मिली 4 मौतों की खबर
500 की आबादी वाले शांत गांव कबीरपुर में शुक्रवार रात गणेश उत्सव का उल्लास था। गांव की झांकी में बच्चे खेल रहे थे, महिलाएं भजन गा रही थीं और पुरुष आपस में बातचीत कर रहे थे। रात 10 बजे सभी अपने-अपने घर चले गए।
लेकिन शनिवार (19 सितंबर 2026) की सुबह पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया जब पता चला कि द्वारका पटेल ने अपनी पत्नी खेमाबाई (27 वर्ष), बेटी उर्मिला (7 वर्ष), बेटे उमेश (4 वर्ष) और 1 साल के मासूम राजा की कुल्हाड़ी से काटकर नृशंस हत्या कर दी है।

‘पत्नी को मारा तो लगा बच्चों को कौन पालेगा, इसलिए उन्हें भी खत्म कर दिया’
पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार वारदात की पूरी कहानी इस प्रकार है:
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घर के बाहर कुल्हाड़ी लेकर बैठा रहा आरोपी: सुबह करीब 6:30 बजे आरोपी के चाचा हरगोविंद पटेल जब बाहर निकले, तो उन्होंने द्वारका को खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर बैठे देखा। पास जाने पर उसने चीखकर कहा— “पास मत आना, मार डालूंगा। मैंने सबको खत्म कर दिया है, अब पुलिस को बुलाओ।”
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देवर से संबंधों का आरोप: आरोपी द्वारका पटेल (जो दिल्ली में मजदूरी करता है) ने बताया कि उसके छोटे भाई हरिशंकर (जो दिल्ली में गार्ड है) के उसकी पत्नी खेमा से अवैध संबंध थे। शुक्रवार शाम हरिशंकर गांव आया था और द्वारका के मुताबिक वह उसकी पत्नी को दिल्ली भगाने वाला था।

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मासूमों की हत्या की वजह: एसपी आनंद कलादगी के मुताबिक, जब आरोपी से पूछा गया कि उसने छोटे-छोटे मासूम बच्चों को क्यों मारा, तो उसने हैवानियत भरा जवाब दिया— “पत्नी की हत्या के बाद मैं जेल चला जाता, ऐसे में बच्चों को कौन पालेगा? इसीलिए उन्हें भी खत्म कर दिया।”
शराब की लत और पहले भी कर चुका था जानलेवा हमला
मृतका के पिता बाबूलाल और ताऊ धनीराम ने बताया कि द्वारका शराब पीने का आदी था और आए दिन खेमा के साथ मारपीट करता था:
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दो महीने पहले हंसिया मारा था: करीब 2 महीने पहले आरोपी ने खेमा पर हंसिये से हमला किया था, जिसके बाद पुलिस में शिकायत हुई थी। अदालत में समझौते और रक्षाबंधन पर खेमा को दोबारा न सताने की कसम खाने के बाद परिजनों ने उसे वापस ससुराल भेजा था।

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मायके पक्ष ने आरोपों को नकारा: मृतका के पिता ने देवर से अवैध संबंधों के आरोपों को मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि हरिशंकर शुक्रवार को ही दिल्ली के लिए निकल गया था और द्वारका शराब के नशे में लगातार विवाद कर रहा था।

FSL जांच के बाद आरोपी भेजा गया जेल
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) टीम को कोठरी के अंदर खून से सना गद्दा और दीवारों पर खून के छीटें मिले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल खून से सनी कुल्हाड़ी जब्त कर ली है। आरोपी द्वारका पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे उपजेल भेज दिया गया है। “मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…”










