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इंदौर में राहुल गांधी की ‘प्रोफेसर’ क्लास: हाथ में माइक और स्क्रीन पर PPT, 1 घंटे के लेक्चर से हिलाया सिस्टम!

इंदौर में राहुल गांधी की ‘प्रोफेसर’ क्लास: हाथ में माइक और स्क्रीन पर PPT, 1 घंटे के लेक्चर से हिलाया सिस्टम!

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प्रांशु विश्वकर्मा

Published On: Sep 20, 2026, 2:21 PM IST

Updated On: Sep 20, 2026, 2:21 PM IST

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इंदौर इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पारंपरिक राजनेता के बजाय एक ‘प्रोफेसर’ की भूमिका में नजर आए। हाथ में माइक, पीछे विशाल स्क्रीन पर चलता पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) और बीच-बीच में वीडियो क्लिप्स दिखाते हुए राहुल ने करीब एक घंटे तक सीधे छात्रों से संवाद किया। बिना किसी पारंपरिक भाषणबाज़ी के उन्होंने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’ (System vs Students) के मुद्दे को 4 मुख्य चैप्टर्स में बांटकर छात्रों की समस्याएं सुनीं और अपनी बात रखी।
इंदौर में राहुल गांधी ने चार मुख्य चैप्टर्स में बांटकर अपनी बात रखी। –

सिलसिलेवार जानिए: किस चैप्टर में क्या हुआ?

 

चैप्टर 1: दबाव में हैं देश के छात्र

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र ही देश का भविष्य हैं, लेकिन आज का युवा भयानक दबाव में है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर किसी की पहुंच से बाहर हो रही है।
  • ओबीसी आरक्षण विवाद: राजगढ़ की सपना गुर्जर ने मुद्दा उठाया कि ओबीसी आरक्षण के 13% पद रोके जाने से परीक्षा पास करने के बावजूद लगभग 10,000 युवाओं को नियुक्तियां नहीं मिल सकी हैं।
  • नर्सिंग घोटाला व देरी: यशिका दानी ने मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में हो रही देरी, लेट परीक्षाओं और अटके हुए परिणामों पर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
राजगढ़ की सपना गुर्जर और यशिका ने राहुल के सामने अपनी बात रखी।
राजगढ़ की सपना गुर्जर और यशिका ने राहुल के सामने अपनी बात रखी।

चैप्टर 2: सिस्टम को ‘सवाल’ पसंद नहीं, चाहिए ‘अंधभक्त’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार सवाल पूछने वाले छात्रों को नापसंद करती है। ‘अंधभक्त’ शब्द का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिस्टम केवल उन लोगों को बढ़ावा देता है जो बिना सोचे-समझे हर बात मान लेते हैं।
  • मंच पर दिल्ली हादसे की पीड़िताएं: दिल्ली के कोचिंग एरिया हादसे से जुड़ी वीडियो क्लिप दिखाते हुए राहुल ने देवास के मृतक छात्र अर्पित जाज के परिजनों को मंच पर बुलाया। पीड़ित परिवार ने भावुक होकर कहा कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि जर्जर व्यवस्था का नतीजा थी।
  • महंगी होती पढ़ाई: उज्जैन की राधा मालवीय ने कहा कि शहरों में हर साल मकान का किराया 10% बढ़ता है, जबकि सरकार की ओर से मिलने वाला आवास भत्ता महज ₹2,000 प्रति माह है।

https://www.facebook.com/rahulgandhi/posts/1685033432982725?ref=embed_post

 

चैप्टर 3: ‘सिस्टम’ चलाने वाले 6 चेहरे

तीसरे चैप्टर में राहुल गांधी ने देश की व्यवस्था और संस्थाओं को नियंत्रित करने का आरोप लगाते हुए 6 प्रमुख नामों का जिक्र किया:
  1. नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री): छात्रों में डर और नियंत्रण पैदा करने का आरोप।
  2. अमित शाह (गृह मंत्री): सिस्टम के ‘एनफोर्सर’ और छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के जिम्मेदार। राहुल ने यह सवाल भी उठाया कि सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के रहते अमित शाह के बेटे को क्रिकेट प्रशासन में शीर्ष पद कैसे मिला।
राहुल ने दिल्ली हादसे में मारे गए देवास के अर्पित जाज के दादा से बात की।

 

  1. अजीत डोभाल (NSA): छात्रों की निगरानी और फोन सर्विलांस का आरोप।
  2. मोहन भागवत (RSS प्रमुख): शैक्षणिक संस्थानों में विचारधारा थोपने और फंडिंग देने का आरोप।
  3. गौतम अडानी और मुकेश अंबानी: देश के व्यापारिक संसाधनों पर कब्जे का आरोप।
राहुल ने इन चेहरों पर सिस्टम पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
राहुल ने इन चेहरों पर सिस्टम पर कब्जा करने का आरोप लगाया।

चैप्टर 4: शिक्षा बजट में कटौती और अरबपतियों को फायदा

PPT प्रेजेंटेशन के जरिए राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला दिया:
  • बजट में कटौती: 2014 में कुल बजट का 4.6% शिक्षा पर खर्च होता था, जो अब घटकर 2.6% रह गया है।
  • स्कॉलरशिप बंद: पिछले 10 वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ बच्चों की स्कॉलरशिप रोकी या बंद की गई।
राहुल गांधी ने दावा किया 2014 के बाद शिक्षा का बजट 4.6% से घटकर 2.6% पर आ गया।

 

 

  • 10 लाख खाली पद: देश भर के शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के 10 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं।
  • कॉर्पोरेट को लाभ: राहुल का दावा था कि 11 वर्षों में शिक्षा मद से बचाए गए ₹7.7 लाख करोड़ का सीधा-अप्रत्यक्ष फायदा बड़े उद्योगपतियों को पहुंचाया गया।

कोटा से इंदौर: हर शहर, नया मुद्दा

इंदौर ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का 5वां पड़ाव था। इससे पहले विभिन्न शहरों में अलग-अलग मुद्दों पर केंद्रित चर्चा हुई थी
  • कोटा (राजस्थान): प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और सुसाइड।
  • देहरादून (उत्तराखंड): पेपर लीक और घोटाले।
  • प्रयागराज (यूपी): बेरोजगारी और कोचिंग फीस।
  • पुणे (महाराष्ट्र): महिला सुरक्षा, पितृसत्ता और समानता।

 

 

सियासी घमासान: बीजेपी का पलटवार

आयोजन के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
  • बीजेपी का आरोप: भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे आयोजन को ‘प्रायोजित’ (Sponsored) करार दिया और दावा किया कि कार्यक्रम में आम छात्रों के बजाय कांग्रेस संगठन से जुड़े कार्यकर्ता ही मौजूद थे।
  • कांग्रेस का प्लान: एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे प्रदेश के हर जिले तक ले जाया जाएगा ताकि युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाई जा सके।
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