मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले अंतर्गत मलकपुर गांव के समीप शनिवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जंगल से गुजर रहे एक जंगली हाथी की खुले बिजली के तार (हाई टेंशन लाइन) की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, झाड़ियों और रास्तों के बीच झुके हुए बिजली के तार में हाथी की सूंड अचानक फंस गई, जिससे उसे जोरदार करंट लगा और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ डीएफओ (DFO) लोकेश नीरापुरे व वन विभाग की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची।

1. मलकपुर के पास कराया जाएगा पोस्टमार्टम, कानूनी कार्रवाई शुरू
वन मंडलाधिकारी (DFO) लोकेश नीरापुरे ने बताया कि घटना मऊगंज जिले और वन विकास निगम के अंतर्गत आने वाले मलकपुर क्षेत्र की है:
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पोस्टमार्टम की प्रक्रिया: डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा मलकपुर के पास ही मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मृत्यु के exact कारणों का दस्तावेजीकरण किया जा सके।
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विभागीय कार्रवाई: बिजली कंपनी और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
2. 6 महीने से रीवा, सीधी और मऊगंज के जंगलों में सक्रिय था जोड़ा
वन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार:
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लगातार बना हुआ था मूवमेंट: हाथियों का यह जोड़ा पिछले लगभग छह महीनों से रीवा, सीधी और मऊगंज जिलों के सीमावर्ती जंगलों में लगातार विचरण कर रहा था।
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हनुमना क्षेत्र में फसलों का नुकसान: हाल ही में यह जोड़ा मऊगंज के हनुमना क्षेत्र में करीब छह दिनों तक घूमता रहा, जहां कई गांवों में फसलों को रौंदने और कुछ कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं सामने आई थीं।
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14 सितंबर को पहुंचा था सीधी: 14 सितंबर को दोनों हाथी हनुमना के तुर्रा पहाड़ को पार कर सीधी जिले के मधुगांव जंगल में दाखिल हुए थे। इसके बाद 5 दिनों तक सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहने के बाद शुक्रवार रात दोनों हाथी पुनः मऊगंज के मलकपुर पहुंचे थे, जहां यह दुखद हादसा हो गया।
3. वन्यजीव सुरक्षा और बिजली विभाग पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस दुखद घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है:
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जंगलों में लटकते तार बनी काल: जंगलों और ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाली बिजली लाइनों के नीचे लटकने (Sagging) को लेकर लंबे समय से शिकायतें थीं।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभाव: वन्यजीव गलियारे (Wildlife Corridor) में बिजली की लाइनों को इंसुलेटेड या सुरक्षित न किया जाना बिजली विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय रहते इन तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो अन्य वन्यजीवों की जान पर भी खतरा मंडराता रहेगा।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | मलकपुर गांव के पास जंगल, जिला मऊगंज (म.प्र.) |
| हादसे का कारण | खुले बिजली के तार से करंट (Electric Shock) |
| अधिकारी जांचकर्ता | लोकेश नीरापुरे (डीएफओ) |
| प्रभावित वन्यजीव | नर जंगली हाथी (हाथियों के जोड़े में से एक) |
| सक्रियता क्षेत्र | मऊगंज, रीवा और सीधी के सीमावर्ती जंगल |









