अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से साहस और सूझबूझ की अनोखी मिसाल सामने आई है। जंगल में सूखी लकड़ी चुनने गए एक 35 वर्षीय आदिवासी युवक पर हिंसक जंगली भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू ने युवक का पैर अपने मुंह में जकड़ लिया था, लेकिन युवक ने हिम्मत नहीं हारी। लगभग 20 से 25 मिनट तक चले इस कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार भालू को हार मानकर जंगल की ओर भागना पड़ा। घटना के बाद घायल ग्रामीण को उपचार के लिए अनूपपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

1. झाड़ियों से निकलकर भालू ने पकड़ा पैर, साथ गया साथी भागा
जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के भोलगढ़ गांव निवासी सुरेश बैगा (35 वर्ष) अपने एक अन्य साथी के साथ गांव से लगे जंगल में लकड़ी एकत्र करने गए थे:
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अचानक हमला: जंगल में झाड़ियों के पीछे घात लगाए बैठे जंगली भालू ने अचानक सुरेश पर हमला कर दिया और उनका पैर अपने मुंह में दबा लिया।
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साथी भागा: भालू का यह खौफनाक रूप देखकर सुरेश के साथ गया दूसरा ग्रामीण डर के मारे मौके से भाग खड़ा हुआ।
2. डंडे से पैर छुड़ाकर पेड़ पर चढ़े सुरेश, पीछा करते हुए भालू भी चढ़ा
सुरेश बैगा ने घबराने के बजाय हाथ में मौजूद लकड़ी के डंडे से भालू पर पलटवार करना शुरू किया:
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पैर छुड़ाकर पेड़ का लिया सहारा: लगातार डंडे के प्रहार से भालू की ग्रिप ढीली पड़ी और सुरेश ने अपना पैर छुड़ा लिया। इसके बाद वे तेजी से पास स्थित एक पेड़ पर चढ़ गए।
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पेड़ पर भी किया पीछा: भालू भी पीछा करते हुए पेड़ के तने को पकड़कर ऊपर चढ़ने की कोशिश करने लगा। सुरेश पेड़ की ऊपरी डाल पर बैठकर नीचे से ऊपर आ रहे भालू के सिर और पंजों पर लगातार डंडे से वार करते रहे।
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25 मिनट तक चला संघर्ष: भालू बार-बार पेड़ पर चढ़कर हमला करने का प्रयास करता रहा और सुरेश डंडे के दम पर उसे नीचे धकेलते रहे। करीब 20-25 मिनट तक चली इस जंग के बाद भालू थक-हारकर वापस घने जंगल की ओर लौट गया।
3. अस्पताल में भर्ती, वन विभाग की मुआवजा प्रक्रिया शुरू
स्थानीय सरपंच बिसाहूलाल रौतेल के अनुसार, भालू के जाने के बाद सुरेश सुरक्षित पेड़ से नीचे उतरे और अपने घर पहुंचे। भालू के दांत गड़ने से उनके पैर में गंभीर चोटें आई हैं। परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। वन विभाग के नियमानुसार पीड़ित को चिकित्सा सहायता एवं आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| पीड़ित का नाम | सुरेश बैगा (35 वर्ष) |
| घटनास्थल | भोलगढ़ गांव का जंगल, जिला अनूपपुर (म.प्र.) |
| संघर्ष का समय | लगभग 20 से 25 मिनट |
| बचाव का जरिया | लकड़ी का डंडा एवं पेड़ पर चढ़ना |
| वर्तमान स्थिति | जिला अस्पताल अनूपपुर में इलाज जारी |









