आगर-मालवा/सुसनेर मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के सुसनेर क्षेत्र में दूध के दाम बढ़ाए जाने की मांग को लेकर दूध विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन विरोध का हिंसक और उग्र रूप देखने को मिला, जहां प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण इलाकों से दूध लेकर आ रहे पिकअप वाहनों को रोककर सैकड़ों लीटर दूध सड़क पर बहा दिया। इस आंदोलन के कारण क्षेत्र में डेयरियों पर ताले लटक गए हैं और आम जनता के लिए दूध की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

₹100 प्रति लीटर और ₹12 फैट रेट करने की मांग
दूध विक्रेताओं और पशुपालकों का कहना है कि महंगाई के दौर में पशु आहार (चारा व खली) के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे मौजूदा भाव में दूध का कारोबार चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
दूध विक्रेताओं की मुख्य मांगें:
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दूध का न्यूनतम भाव: ₹100 प्रति लीटर किया जाए।
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फैट की दर: फैट का दाम बढ़ाकर ₹12 प्रति फैट तय किया जाए।
पिकअप गाड़ियां रोककर बहाया दूध, होटलों में भी हंगामा
हड़ताल के दौरान सुसनेर समेत आसपास के ग्रामीण अंचलों में दूध सप्लाई रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह घेराबंदी की। ग्रामीण इलाकों से सुसनेर शहर की ओर आ रहे दूध के पिकअप वाहनों और दोपहिया वाहनों को बीच रास्ते में रोक लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कैन खोलकर दूध को सड़कों पर बहा दिया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इसके अलावा सुसनेर की स्थानीय होटलों और डेयरी दुकानों में मौजूद पैकेट वाला दूध भी बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया गया।
आपूर्ति ठप, डेयरियों पर लटके ताले
दूध विक्रेताओं की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से सुसनेर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही दूध की भारी किल्लत देखने को मिली। डेयरियां बंद रहने से आम उपभोक्ताओं, छोटे बच्चों और मरीजों के लिए दूध जुटाना मुश्किल हो गया है।
प्रशासन अब इस स्थिति से निपटने और विक्रेताओं से वार्ता कर आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास में जुटा है, हालांकि खबर लिखे जाने तक दूध विक्रेता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।









