चित्रकूट / सतना: तीर्थ नगरी चित्रकूट और सतना जिले के विभिन्न हिस्सों में मंदाकिनी नदी के उफान से आई भीषण बाढ़ के बाद अब पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। बृहस्पतिवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पर दर्ज किया गया। यद्यपि जलस्तर खतरे के निशान के निकट बना हुआ है, फिर भी स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन और सभी राहत व बचाव टीमें हाई अलर्ट पर बनी हुई हैं। पानी उतरने के साथ ही नगर परिषद चित्रकूट और स्थानीय प्रशासन द्वारा आरोग्यधाम, वनदेवी, हनुमानधारा और नयागांव सहित सभी प्रभावित वार्डों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और कीटाणुशोधन का कार्य तेज कर दिया गया है।

राहत, स्वास्थ्य जांच और फसल नुकसान
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पेयजल सुरक्षा व ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव: बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए 93 हैंडपंपों में जर्मेक्स दवा डाली जा चुकी है और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
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स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन: लोसरिहा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों द्वारा घर-घर सर्वे किया जा रहा है। अब तक 487 परिवारों के 2,753 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां बांटी गई हैं।
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बिजली व्यवस्था की बहाली: विद्युत विभाग के अनुसार, जलभराव से प्रभावित 19 ट्रांसफार्मरों (DTR) में से 7 को चालू कर दिया गया है। शेष 12 ट्रांसफार्मरों को पानी पूरी तरह खाली होने के बाद दुरुस्त किया जाएगा।
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फसलों के नुकसान का सर्वे: सतना, चित्रकूट और मझगवां विकासखंड में कृषि विभाग की टीमें सर्वे में जुटी हैं। प्राथमिक आकलन के अनुसार तिलहन व दलहन की फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है, जबकि धान की फसलें अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं।

राहत और पुनर्वास कार्य का विवरण
| कार्य / श्रेणी | वर्तमान स्थिति |
| मंदाकिनी जलस्तर | 138.52 मीटर (पानी उतरने की स्थिति में) |
| सफाई व्यवस्था | मुख्य रास्तों व गलियों से JCB व ट्रैक्टर द्वारा मलबा हटाने का कार्य जारी |
| स्वास्थ्य सेवाएं | 487 परिवारों (2753 नागरिक) का मेडिकल चेकअप व नि:शुल्क दवा वितरण |
| बिजली आपूर्ति | 19 में से 7 प्रभावित DTR बहाल, शेष पर मरम्मत कार्य जारी |
| कृषि सर्वे | मझगवां व चित्रकूट क्षेत्र में दलहन-तिलहन फसलों के नुकसान का आकलन |

प्रशासन की अपील और सतर्कता
आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से स्वच्छता बनाए रखने और केवल उबला हुआ या विशुद्ध पेयजल उपयोग करने की अपील की है। मुख्य सड़कों और निचली बस्तियों से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है ताकि सामान्य जीवन जल्द पटरी पर लौट सके।
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