मऊगंज में आफत में अन्नदाता: खाद के लिए 40 KM भटकने को मजबूर किसान; डीएपी-सुपर फास्फेट के दाम हुए दोगुने, डिब्बे में डीजल न मिलने पर भड़की कांग्रेस

मऊगंज/नईगढ़ी: एक तरफ जहां मानसून की बेरुखी के कारण विंध्य अंचल के खेत प्यासे हैं और किसान बादलों की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक नीतियों और लचर व्यवस्था ने अन्नदाताओं को खाद तथा डीजल के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया है। मऊगंज जिले में व्याप्त इस भीषण कृषि संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने सरकार के ‘किसान हितैषी’ होने के दावों को पूरी तरह खोखला बताते हुए उग्र विधिक आंदोलन की चेतावनी दी है।

स्लॉट बुकिंग व्यवस्था जमीनी स्तर पर पूरी तरह फ्लॉप; खाद के साथ जबरन थमा रहे दूसरी बोरियां

जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के उपाध्यक्ष एवं जनपद पंचायत नईगढ़ी के पूर्व उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह “पिंटू” ने मऊगंज अंचल के किसानों की विधिक आवाज उठाते हुए व्यवस्था की निम्नलिखित कड़ियाँ उजागर की हैं:

  • दूरी और मनमानी की मार: नई नीति के तहत लागू की गई खाद की ‘स्लॉट बुकिंग व्यवस्था’ पूरी तरह फेल साबित हुई है। किसानों को खाद के विधिक स्लॉट के लिए अपने गांवों से 30 से 40 किलोमीटर दूर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद निजी व सोसायटियों के दुकानदार मनमानी पर उतर आए हैं और यूरिया के साथ जबरन ‘सुपर फास्फेट’ खरीदने की विधिक शर्त थोप रहे हैं।
  • दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी: पिछले साल जो सुपर फास्फेट खाद 600 रुपये प्रति क्विंटल (करीब ₹300 प्रति बैग) मिल जाती थी, वह इस साल ब्लैक मार्केटिंग और नई नीतियों के चलते ₹1200 प्रति क्विंटल (करीब ₹600 प्रति बैग) तक बेची जा रही है। इसी तरह मुख्य खाद डीएपी (DAP) की कीमतें भी पिछले साल की तुलना में करीब 800 रुपये प्रति बैग महंगी होकर मिल रही हैं, जिसने गरीब किसानों की कमर तोड़ दी है।

खेत छोड़ ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप आए किसान! पंप संचालकों के तुगलकी फरमान से आक्रोश

खाद की महंगाई के साथ-साथ कृषि मशीनरी और ट्रैक्टरों की जुताई के लिए ईंधन का संकट भी गहरा गया है:

  1. डिब्बे में डीजल देने से साफ इंकार: कहने को तो शासन स्तर से किसानों के उपयोग के लिए डिब्बों या कैन में डीजल देने की कागजी अनुमति है, लेकिन मऊगंज और नईगढ़ी अंचल के पेट्रोल पंप संचालक किसानों को खुलेआम डीजल देने से मना कर रहे हैं।
  2. अपमान और दुर्व्यवहार की घटनाएं: कांग्रेस नेता नृपेन्द्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या अब किसान खेत में काम बंद कर हर बार भारी-भरकम ट्रैक्टर लेकर डीजल लेने पेट्रोल पंप की लाइन में खड़ा रहेगा? इस विधिक अव्यवस्था के चलते कई पेट्रोल पंपों पर अपनी जायज मांग लेकर पहुंचे किसानों के साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी की विधिक घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

ब्लॉक स्तर पर हटे स्लॉट बुकिंग की बाध्यता, वरना कांग्रेस करेगी बड़ा चक्काजाम — नृपेन्द्र सिंह पिंटू

विपक्ष की विधिक चेतावनी और रबी सीजन पर मंडराता संकट —

“मऊगंज के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि समय रहते खाद और डीजल की विधिक किल्लत को दूर नहीं किया गया, तो आगामी रबी फसलों की बुवाई बुरी तरह प्रभावित होगी, जिसका सीधा विधिक असर खाद्यान्न उत्पादन और आम जनता की थाली पर पड़ेगा.

जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह ‘पिंटू’ ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग को कड़ा विधिक अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि तत्काल प्रभाव से हर ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त खाद-बीज का स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, अव्यावहारिक स्लॉट बुकिंग की विधिक बाध्यता को समाप्त किया जाए और किसानों को दुर्व्यवहार से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं. यदि आगामी कुछ दिनों के भीतर धरातल पर सुधार नहीं दिखा, तो कांग्रेस पार्टी पीड़ित अन्नदाताओं को साथ लेकर मऊगंज जिला मुख्यालय में एक विशाल और उग्र विधिक प्रदर्शन करेगी।”

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