मऊगंज में प्रशासनिक लापरवाही की बलि चढ़ा एक और चिराग: हनुमना की अवैध पत्थर खदान में डूबने से 16 वर्षीय किशोर की मौत; 1 साल में दूसरा बड़ा हादसा, ग्रामीणों में भड़का गुस्सा

हनुमना/मऊगंज: विंध्य अंचल के मऊगंज जिले अंतर्गत आने वाले हनुमना थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ डीपी होटल के समीप स्थित एक पुरानी और गहरी पत्थर खदान एक बार फिर एक मासूम के लिए ‘मौत का कुआं’ साबित हुई। रविवार को इस असुरक्षित खदान में नहाने गए 16 वर्षीय किशोर आदर्श द्विवेदी की गहरे पानी में समा जाने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह घटना ने क्षेत्र के सुरक्षा प्रबंधों और अवैध खनन के बाद लावारिस छोड़ी गई खदानों को लेकर प्रशासनिक अमले पर गंभीर विधिक सवाल खड़े कर दिए हैं। 12 महीने के भीतर इसी खदान में यह दूसरी मौत है, जिससे पूरे अंचल के ग्रामीणों में गहरा विधिक आक्रोश व्याप्त है।

वार्ड-13 भाटी का रहने वाला था आदर्श; दोस्तों के सामने ही गहरे पानी में निगल गई मौत

जमीनी सूत्रों और हनुमना पुलिस से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस हृदयविदारक हादसे की कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • दोस्तों के साथ गया था नहाने: हनुमना के वार्ड क्रमांक 13 भाटी का निवासी आदर्श द्विवेदी रविवार को अपने कुछ हमउम्र दोस्तों के साथ खदान में जमा हुए पानी में नहाने और गर्मी से राहत पाने गया था।
  • अचानक हुआ हादसा: नहाने के दौरान आदर्श का पैर अचानक फिसल गया और वह खदान के उस हिस्से में चला गया जहाँ पानी की गहराई बहुत ज्यादा थी। वह तैरकर बाहर निकलने में असमर्थ रहा और पानी में डूबने लगा। किनारे खड़े उसके दोस्तों ने जब आदर्श को डूबते देखा, तो उन्होंने चीख-पुकार मचाकर आसपास के ग्रामीणों को विधिक सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

खदान की भयावह गहराई के चलते रीवा से बुलानी पड़ी SDRF की टीम; घंटों चले रेस्क्यू के बाद मिला शव

खदान का ढांचा इतना खतरनाक और जोखिम भरा था कि स्थानीय गोताखोरों के लिए पानी में उतरना नामुमकिन साबित हुआ:

  1. स्थानीय स्तर पर फेल हुआ रेस्क्यू: हनुमना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन खदान की भीषण गहराई और पानी के नीचे छिपे नुकीले पत्थरों के कारण स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य संभव नहीं हो सका।
  2. एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल रीवा जिला मुख्यालय से राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) की रेस्क्यू विंग को आपातकालीन कॉल कर बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने आधुनिक उपकरणों के साथ खदान के मटमैले पानी में घंटों सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद अंततः किशोर के निष्प्राण शव को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव का विधिक पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।

30 जून 2025 को सोनू रत्नाकर ने भी गंवाई थी जान; बिना फेंसिंग की मौत की खदानों पर कब चलेगा विधिक हंटर?

अवैध खनन और प्रशासनिक उदासीनता पर ग्रामीणों का विधिक आक्रोश —

“मऊगंज के वरिष्ठ पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस खदान का खूनी इतिहास नया नहीं है. ठीक एक साल पहले 30 जून 2025 को 18 वर्षीय युवक सोनू रत्नाकर की भी इसी खदान के पानी में डूबने से मौत हो गई थी.

ग्रामीणों ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन पर सीधे तौर पर विधिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि माफियाओं द्वारा अवैध रूप से पत्थर निकालने के बाद इन 50-60 फीट गहरे गड्ढों को बिना किसी सुरक्षा फेंसिंग (तार घेरा), बाउंड्री वॉल या चेतावनी बोर्ड (Warning Sign) लगाए ऐसे ही खुला छोड़ दिया जाता है.

क्षेत्र की जनता ने मऊगंज जिला कलेक्टर से विधिक मांग की है कि तत्काल इस खदान को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर घेराबंदी की जाए और जिन खदान मालिकों ने विधिक नियमों का उल्लंघन कर इन गड्ढों को खुला छोड़ा है, उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक मुकदमा पंजीकृत किया जाए।”

Hot this week

पलक गुप्ता बनीं मिस मध्य प्रदेश 2025,मैहर जिले का नाम किया रोशन

Miss Madhya Pradesh 2025:मैहर जिले की बेटी पलक गुप्ता...

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम SDM को सौंपा 6 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन

The Khabrilal : अतिथि शिक्षक संघर्ष समिति ब्लॉक रामनगर...

Customer Engagement Marketing: New Strategy for the Economy

I actually first read this as alkalizing meaning effecting...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img