हनुमना/मऊगंज: विंध्य अंचल के मऊगंज जिले के हनुमना में सरकारी तंत्र और ठेकेदारी नेक्सस की मिलीभगत से हुए एक बेहद चौंकाने वाले और गंभीर विधिक घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। हनुमना में स्थापित 2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) में विद्युत विभाग की बेशकीमती और आरक्षित सामग्री के अवैध व निजी दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक विधिक शिकायत पर हनुमना थाना पुलिस ने मेसर्स ओम एंटरप्राइजेज के खिलाफ जालसाजी और अमानत में खयानत का आपराधिक मुकदमा (FIR) पंजीकृत कर लिया है।

मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट में खुली पोल; दूसरे संभागों की केबल और ब्रेकर मिले
बिजली विभाग की परिसंपत्तियों की इस खुली विधिक लूट का खुलासा विभागीय जांच विंग के औचक निरीक्षण में हुआ, जिसकी मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- जांच समिति की रिपोर्ट पर एक्शन: पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी जी.पी. पाण्डेय ने बताया कि रीवा के मुख्य अभियंता प्रवर्तन (Chief Engineer Enforcement) द्वारा गठित एक विशेष विधिक जांच समिति की रिपोर्ट के बाद 3 जुलाई को यह कड़ी कार्रवाई की गई।
- नेम प्लेट मिटाकर खपाए उपकरण: जब जांच दल ने निजी सोलर प्लांट का भौतिक और तकनीकी परीक्षण किया, तो वहां लगे उपकरणों पर ‘मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी’ का नाम और मुख्य कंट्रोल केबल पर ‘मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी’ का नाम अंकित था। यही नहीं, घोटाले को छिपाने के लिए एक बेहद महंगे ‘वैक्यूम सर्किट ब्रेकर’ की नेम प्लेट पर लिखी खरीदार (क्रेता) की विधिक जानकारी को जानबूझकर खुरचकर मिटाया गया था।
पति कनिष्ठ अभियंता और पत्नी प्रोपराइटर; सीधी संभाग के निलंबित जेई रंजीत कुमार साहू की संलिप्तता
इस पूरे विधिक और वित्तीय भ्रष्टाचार के तार सीधे तौर पर विभाग के भीतर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से जुड़े पाए गए हैं:
- जेई साहू पर गिरा निलंबन का हंटर: इस पूरे सिंडिकेट में सीधी एसटीएम-एसटीसी (STM-STC) संभाग में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता (JE) रंजीत कुमार साहू की प्राथमिक विधिक व तकनीकी संलिप्तता प्रमाणित पाई गई, जिसके बाद बिजली कंपनी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
- पति-पत्नी का नेक्सस: जांच में यह बेहद गंभीर विधिक तथ्य सामने आया कि इस निजी सोलर प्लांट के विद्युत संयोजन (Connection) और लाइन विस्तार का पूरा ठेका मेसर्स ओम एंटरप्राइजेज के पास था। इस दागी फर्म की प्रोपराइटर ममता कुमारी कोई और नहीं, बल्कि निलंबित किए गए कनिष्ठ अभियंता रंजीत कुमार साहू की सगी पत्नी हैं।
धोखाधड़ी और जालसाजी का आपराधिक मुकदमा दर्ज, जीरो टॉलरेंस की नीति जारी — एसडीओपी सचि पाठक
प्रशासनिक मुस्तैदी और मऊगंज पुलिस का विधिक एक्शन —
“मामले की विधिक कड़ियों को स्पष्ट करते हुए मऊगंज के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सचि पाठक ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता की लिखित विधिक तहरीर पर हनुमना थाने में ओम एंटरप्राइजेज और संबंधितों के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS), जालसाजी और सरकारी संपत्ति के गबन की संगीन धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है.
एसडीओपी के अनुसार, ओम एंटरप्राइजेज का विद्युत वितरण कंपनी के साथ विधिक टाईअप (अनुबंध) था, जिसका नाजायज फायदा उठाकर सरकारी खजाने की सामग्री को निजी लाभ के सौर ऊर्जा संयंत्र में अवैध रूप से ट्रांसफर किया गया. पुलिस अब इस बात की कड़ाई से विवेचना कर रही है कि इन भारी-भरकम सरकारी उपकरणों को सीधी और पश्चिम क्षेत्र से हनुमना तक किस विधिक मार्ग से लाया गया था। जैसे-जैसे विवेचना में नए विधिक तथ्य और सह-आरोपी सामने आएंगे, वैधानिक गिरफ्तारियों का दौर शुरू किया जाएगा।”







