छतरपुर में आसमानी आफत का कहर: खेत में सोयाबीन की बोनी कर रहे दो किसानों पर गिरी आकाशीय बिजली; बारिश से बचने त्रिपाल के नीचे बैठना बना जानलेवा, मौके पर ही दर्दनाक मौत

बकस्वाहा/छतरपुर: मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल अंतर्गत आने वाले छतरपुर जिले के बकस्वाहा क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ के ग्राम पाली में शनिवार शाम मानसून की पहली खेती के दौरान आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से दो अन्नदाताओं की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई। दोनों किसान अपने साथियों के साथ खेत में खरीफ फसल की बोनी कर रहे थे, तभी अचानक प्रकृति का यह क्रूर रूप सामने आया। इस भयावह घटना के बाद से पूरे पाली गांव में कोहराम मचा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शाम 5:25 बजे अचानक बदला मौसम; सोयाबीन के बीजों को भीगने से बचा रहे थे मृतक

घटनास्थल और प्रशासनिक अमले से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे की कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • खेत में चल रहा था काम: पाली गांव निवासी जुग्गन यादव (उम्र 45 वर्ष) और राजू लोधी (उम्र 40 वर्ष) शनिवार को अपने साथी ग्रामीणों के साथ खेत में सोयाबीन की बोनी के काम में जुटे हुए थे।
  • काल बन गई प्लास्टिक की त्रिपाल: शनिवार शाम करीब 5:25 बजे अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बोनी के लिए रखे कीमती बीजों को भीगने से बचाने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए जुग्गन और राजू खेत के बीचों-बीच एक प्लास्टिक की त्रिपाल (शीट) तानकर उसके नीचे बैठ गए। इसी दौरान सीधे उसी स्थान पर जोरदार धमाके के साथ बिजली गिर गई, जिसकी विधिक चपेट में आने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

“आंखों के सामने गिरी गाज, समझने का मौका तक नहीं मिला” — प्रत्यक्षदर्शी ट्रैक्टर चालक रामू यादव

हादसे के समय चंद कदमों की दूरी पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी किसान रामू यादव ने रोंगटे खड़े कर देने वाला विधिक आंखों देखा हाल साझा किया:

  1. भयावह था मंजर: रामू यादव ने बताया कि वे उस वक्त खेत में ही ट्रैक्टर से जुताई का काम कर रहे थे। बारिश शुरू होते ही सभी लोग काम समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने की विधिक तैयारी में थे, कि तभी एक अत्यंत तेज कौंध के साथ सीधे त्रिपाल पर बिजली कड़की।
  2. मदद का समय भी नहीं मिला: रामू के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। जब तक साथी किसान दौड़कर त्रिपाल के पास पहुंचे, तब तक दोनों अन्नदाता दम तोड़ चुके थे।

नायब तहसीलदार सुनील कुमार ने संभाला मोर्चा; पीड़ित परिवारों को विधिक आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू

प्रशासनिक मुस्तैदी और सरकारी राहत की कड़ियाँ —

“हादसे की भयावह सूचना मिलते ही बकस्वाहा थाना पुलिस और राजस्व विभाग के विधिक अधिकारी तत्काल पाली गांव पहुंचे.

क्षेत्र के नायब तहसीलदार सुनील कुमार ने मामले की विधिक कड़ियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि दोनों मृत किसानों के शवों का पंचनामा तैयार कर लिया गया है और पोस्टमार्टम (PM) सहित सभी आवश्यक विधिक व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. शासन के आपदा प्रबंधन नियमों के तहत पीड़ित परिवारों को तत्काल विधिक आर्थिक सहायता (मुआवजा) राशि स्वीकृत कराने की विधिक फाइल तैयार कर ली गई है.

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि खेती के सीजन में परिवार के मुख्य मुखियाओं के चले जाने से दोनों घरों पर गहरा संकट आ गया है, अतः पीड़ित परिवारों को अविलंब सहायता राशि प्रदान की जाए। मौसम विभाग ने भी अंचल के किसानों से विधिक अपील की है कि तेज बारिश या बादलों की गर्जना के दौरान खेतों में खुले में या पेड़ों और त्रिपाल के नीचे शरण लेने से बचें।”

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