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इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: अस्पताल के बेड से रो पड़ीं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जिनी झाला; वीडियो जारी कर बोलीं— “लोग तमाशा देखते रहे, पानी के गड्ढे में कूदकर बचाई जान”

इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: अस्पताल के बेड से रो पड़ीं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर जिनी झाला; वीडियो जारी कर बोलीं— “लोग तमाशा देखते रहे, पानी के गड्ढे में कूदकर बचाई जान”

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The Khabrilal

Published On: Jun 25, 2026, 8:57 AM IST

Updated On: Jun 25, 2026, 8:57 AM IST

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इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में अवंतिका गैस पाइपलाइन में हुए भीषण ब्लास्ट और आगजनी के हादसे ने कई जिंदगियों को दांव पर लगा दिया है। इस भयानक दुर्घटना में गंभीर रूप से झुलस चुकीं इंदौर की मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरि राजकुमारी उर्फ जिनी झाला ने अस्पताल के बर्न वॉर्ड से एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाला वीडियो संदेश जारी किया है। पट्टियों में लिपटी जिनी ने रोते हुए लापरवाही पूर्वक काम कर रहे प्रशासन और हादसे के वक्त संवेदनहीन बने तमाशबीन लोगों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, जिनी की गंभीर स्थिति और शिकायत के आधार पर विजय नगर थाना पुलिस ने दो जिम्मेदार अधिकारियों/ठेकेदारों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

एक्टिवा से गुजरते वक्त हुआ धमाका; न बैरिकेडिंग थी, न कोई सुरक्षा बोर्ड

बॉम्बे हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग लड़ रहीं जिनी झाला ने वीडियो में उस खौफनाक मंजर का पूरा ब्योरा साझा किया है:

  • रास्ते में काल बनकर फटा पाइप: जिनी ने बताया कि वह अपनी एक्टिवा स्कूटी से विजय नगर मुख्य मार्ग से सामान्य रूप से गुजर रही थीं। इसी दौरान अचानक बिना किसी चेतावनी के अवंतिका गैस पाइपलाइन में एक जोरदार धमाका हुआ और वह आग की भीषण लपटों की चपेट में आ गईं।
  • लापरवाही की खुली दास्तान: इंफ्लुएंसर का गंभीर आरोप है कि सड़क पर इतना संवेदनशील और खतरनाक काम चल रहा था, लेकिन वहां सुरक्षा के नाम पर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही आम जनता को सचेत करने के लिए कोई रिफ्लेक्टिव बोर्ड या सुरक्षा संसाधन लगाए गए थे।

“पानी के गड्ढे में कूदी तब बची जान; मदद के बजाय लोग बनाते रहे वीडियो”

हादसे के ठीक बाद इंदौर जैसे महानगर में मानवीय संवेदनाओं के मरने की एक बेहद शर्मनाक तस्वीर भी सामने आई:

  1. सूझबूझ से बची जान: जिनी के मुताबिक, आग की लपटों से घिरने के बाद जब उनकी त्वचा जलने लगी, तो उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पास ही में मौजूद पानी से भरे एक निर्माण कार्य के गड्ढे में छलांग लगा दी, जिससे आग बुझी और उनकी जान बच सकी।
  2. मदद को तैयार नहीं थे लोग: पानी से बाहर निकलकर लहूलुहान और झुलसी हालत में जिनी सड़क पर खड़ी होकर लोगों से अस्पताल पहुँचाने की भीख मांगती रहीं, लेकिन लोग मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से तमाशा देखने और वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। आखिर में एक रैपिडो (Rapido) बाइक चालक देवदूत बनकर सामने आया, जिसने जिनी को संभाला और खुद बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उन्होंने खुद का इलाज करवाया।

करियर खत्म होने का डर: “स्किन पूरी तरह जल गई, पता नहीं अब कभी कैमरे के सामने आ पाऊंगी या नहीं”

इंफ्लुएंसर का दर्द और कानूनी कार्रवाई —

“अस्पताल के बेड से जारी वीडियो में जिनी का दर्द साफ छलक रहा है। उन्होंने रूंधे गले से कहा— ‘इस हादसे में मेरी पूरी स्किन बुरी तरह जल चुकी है। मुझे नहीं पता कि मेरी यह असली त्वचा कभी वापस आ पाएगी या नहीं। शायद मैं अपने पूरे जीवन में अब कभी ऑन-कैमरा सोशल मीडिया पर नहीं आ पाऊंगी।’ इस बेहद संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए विजय नगर थाना पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई की है। पुलिस ने गैस पाइपलाइन के काम में घोर लापरवाही बरतने और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।”

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