भोपाल/इंदौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश सरकार आगामी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं और आम जनता को सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा का एक बड़ा उपहार देने जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया है कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य विशेषकर महिलाओं को क्षमता से अधिक भरे और असुरक्षित निजी (प्राइवेट) वाहनों के सफर से मुक्ति दिलाना और ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों तक मजबूत सार्वजनिक परिवहन पहुंचाना है।

जुलाई 2026 से इंदौर संभाग से होगी महा-शुरुआत
रक्षाबंधन पर योजना के प्रतीकात्मक (सिम्बॉलिक) शुभारंभ से पहले ही जमीनी स्तर पर बसों का पहिया घूमना शुरू हो जाएगा:
- इंदौर से आगाज: ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत बसों का संचालन जुलाई 2026 से सबसे पहले इंदौर संभाग में शुरू होने जा रहा है।
- AICTSL को कमान: इंदौर संभाग में इस महत्वाकांक्षी बस संचालन की पूरी जिम्मेदारी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) को सौंपी गई है। इसके साथ ही जुलाई से इंदौर शहर में ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत 150 हाईटेक इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतरेंगी।
तीन श्रेणियों में चलेंगी बसें: राज्यों से लेकर जिलों तक कनेक्टिविटी
प्रारंभिक चरण में इंदौर से तीन अलग-अलग श्रेणियों में कुल 1,000 से अधिक बसों का रूट चार्ट तैयार किया गया है:
| बस की श्रेणी | मार्गों की संख्या | संचालित होने वाली बसें | कनेक्टिविटी क्षेत्र |
| अंतरराज्यीय (Interstate) | 101 मार्ग | 276 बसें | महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश |
| अंतरजिला (Interdistrict) | 121 मार्ग | 608 बसें | मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने के लिए |
| शहरी एवं उपनगरीय | 28 मार्ग | रूट अनुसार बसें | इंदौर शहर और उसके आसपास के उपनगरीय क्षेत्र |
पूरे मध्य प्रदेश का मास्टर प्लान: सातों संभागों में दौड़ेंगी 5,206 बसें
इंदौर संभाग की सफलता के बाद इस योजना का चरणबद्ध तरीके से पूरे मध्य प्रदेश में विस्तार किया जाएगा:
- संभागीय और जिला मार्ग: राज्य स्तर पर पहले चरण में 7 संभागीय मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों को आपस में जोड़ने वाले 620 रूटों की पहचान की गई है, जहाँ 2,432 बसें चलाई जाएंगी।
- महा-नेटवर्क: पूरी योजना के लागू होने पर प्रदेश के सातों संभागों में कुल 1,164 मार्गों पर 5,206 सरकारी बसें दौड़ने लगेंगी, जिससे प्राइवेट बस ऑपरेटरों की मनमानी और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तंज: “अब परिवहन को मजबूत करने का समय”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस योजना की घोषणा करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की सरकारी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (सड़क परिवहन निगम) को कमजोर और बंद कर दिया गया था। लेकिन अब जब भाजपा सरकार ने प्रदेश के गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचा दी हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित सरकारी बस सेवा को फिर से पुनर्जीवित और मजबूत करने का बिल्कुल सही समय आ गया है।







