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बागेश्वर बाबा का ‘महा-संकल्प’: 22 दिन के ‘अज्ञातवास’ पर निकले धीरेंद्र शास्त्री; बदरीनाथ में शुरू हुई गुप्त साधना, मोबाइल-कथा और दिव्य दरबार से बनाई दूरी

बागेश्वर बाबा का ‘महा-संकल्प’: 22 दिन के ‘अज्ञातवास’ पर निकले धीरेंद्र शास्त्री; बदरीनाथ में शुरू हुई गुप्त साधना, मोबाइल-कथा और दिव्य दरबार से बनाई दूरी

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The Khabrilal

Published On: May 8, 2026, 9:17 PM IST

Updated On: May 8, 2026, 9:17 PM IST

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छतरपुर/बदरीनाथ |बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अगले एक महीने तक दुनिया के किसी नेटवर्क में नजर नहीं आएंगे। न कोई कथा होगी, न पर्चा बनेगा और न ही दिव्य दरबार सजेगा। देवभूमि उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम पहुँचकर वे 22 दिनों की कठिन और अत्यंत गोपनीय ‘अज्ञातवास’ साधना पर चले गए हैं। हिमालय की गोद में ऋषि गंगा के शांत तट पर वे एकांत साधना और योग के जरिए आध्यात्मिक ऊर्जा संचित करेंगे।

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मुख्य बिंदु

  • बदरीनाथ में डेरा: विशेष हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुँचे धीरेंद्र शास्त्री; हेलीपैड पर ‘जय बदरी विशाल’ के नारों से हुआ भव्य स्वागत।
  • अज्ञातवास का संकल्प: आगामी 21-22 दिनों तक बदरीनाथ के गुप्त ध्यान केंद्रों और ऋषि गंगा के तट पर करेंगे गहन योग साधना।
  • सांसारिक दुनिया से दूरी: साधना काल के दौरान मोबाइल फोन, सार्वजनिक संपर्क, कथा और दिव्य दरबारों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
  • सुरक्षा के कड़े प्रबंध: बाबा की लोकप्रियता और भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए चमोली प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

विश्व कल्याण के लिए ‘मौन और साधना’

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस अज्ञातवास की योजना साल के शुरुआत (जनवरी-फरवरी) में ही घोषित कर दी थी। उनके करीबियों के अनुसार, उनकी यह गुप्त साधना खुद की आध्यात्मिक चेतना को और अधिक जागृत करने, विश्व कल्याण, मानवता की भलाई और सनातन धर्म की मजबूती के संकल्प को लेकर की जा रही है।

ऋषि गंगा के तट पर गूंजेगा ध्यान

बदरीनाथ धाम के पास बहने वाली पवित्र ऋषि गंगा के तट पर बाबा शास्त्री ध्यान लगाएंगे। हिमालय की हाड़ कंपाने वाली ठंड और एकांत के बीच की जाने वाली इस साधना के दौरान उनके प्रवास स्थल को बेहद गोपनीय रखा जा रहा है, ताकि उनकी साधना में कोई विघ्न न पड़े।

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चमोली प्रशासन अलर्ट पर

चमोली जिला प्रशासन और पुलिस विभाग धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। बदरीनाथ मंदिर परिसर से लेकर उनके संभावित प्रवास स्थलों तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि आम श्रद्धालुओं की वजह से उनकी एकांत साधना प्रभावित न हो।


खबर का सारांश

  • साधना स्थल: बदरीनाथ धाम, ऋषि गंगा तट (उत्तराखंड)।
  • अवधि: लगभग 22 दिन (कुल एक महीने का प्रवास)।
  • प्रतिबंध: कथा, पर्चा, दिव्य दरबार और मोबाइल का उपयोग बंद।
  • उद्देश्य: विश्व कल्याण और सनातन धर्म की मजबूती हेतु आध्यात्मिक योग।

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