रीवा: विंध्य अंचल के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र संजय गांधी स्मृति अस्पताल (रीवा) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और फैली गंदगी की लगातार मिल रही जन-शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (IAS) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गुरुकरण सिंह (IPS) ने सोमवार रात 10 बजे अस्पताल का औचक (अचानक) निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना और तामझाम के अधिकारियों की अचानक एंट्री से पूरे अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी वार्ड और गैलरी में बिखरा कचरा, गंदगी और अव्यवस्था देखकर कलेक्टर बेहद नाराज हुए और मौके पर ही व्यवस्थापकों की क्लास लगा दी।

सफाई एजेंसी पर गिरी गाज: 7 दिन का वेतन काटने का आदेश
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने अस्पताल के वार्डों का भ्रमण करते समय फैली गंदगी पर सख्त एतराज जताया। उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था संभाल रही प्राइवेट आउटसोर्स एजेंसी को अंतिम चेतावनी देते हुए सफाई इंचार्ज/सुपरवाइजर का 7 दिन का वेतन काटने के तत्काल निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि रीवा और आसपास के जिलों से आने वाले गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और परिसर में गंदगी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कौन हैं IAS नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी?
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ और तेजतर्रार IAS अधिकारी हैं, जो अपनी सख्त कार्यशैली, त्वरित फैसलों और औचक निरीक्षणों के लिए जाने जाते हैं।
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प्रशासनिक अनुभव: रीवा कलेक्टर बनने से पहले वे रतलाम, उज्जैन सहित प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासनिक दायित्व संभाल चुके हैं।
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कार्यशैली: फील्ड में उतरकर सीधे जनता से संवाद करना, अस्पतालों व शासकीय संस्थानों की जमीनी हकीकत परखना और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करना उनकी कार्यशैली की मुख्य पहचान रही है।
निरीक्षण एवं प्रशासनिक कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
| निरीक्षण स्थल | संजय गांधी स्मृति अस्पताल, रीवा (विंध्य का सबसे बड़ा अस्पताल) |
| अधिकारी | कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (IAS) एवं SSP गुरुकरण सिंह (IPS) |
| समय | सोमवार रात 10:00 बजे (औचक निरीक्षण) |
| मुख्य वजह | गंदगी, अव्यवस्था और मरीजों से मिल रही लगातार शिकायतें |
| कड़ी कार्रवाई | सफाई एजेंसी को फटकार, इंचार्ज का 7 दिन का वेतन काटने के निर्देश |
अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को हिदायत
कलेक्टर ने अस्पताल अधीक्षक और ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि रात के समय आने वाले आपातकालीन मरीजों को तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले। उन्होंने सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मियों को अपनी-अपनी शिफ्ट में मुस्तैद रहने की चेतावनी दी है।









