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यह सिर्फ बीजेपी में संभव: जिस नेता को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला था, आज वो बना राज्यसभा उम्मीदवार; ‘नंबर 11’ के गणित से कांग्रेस खेमे में मची भगदड़

यह सिर्फ बीजेपी में संभव: जिस नेता को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला था, आज वो बना राज्यसभा उम्मीदवार; ‘नंबर 11’ के गणित से कांग्रेस खेमे में मची भगदड़

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The Khabrilal

Published On: Jun 9, 2026, 5:26 AM IST

Updated On: Jun 9, 2026, 5:26 AM IST

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भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) कब, किस कार्यकर्ता की किस्मत का ताला खोल दे और किसे क्या बड़ी जिम्मेदारी सौंप दे, इसका अंदाजा लगाना राजनीतिक पंडितों के लिए भी नामुमकिन है। मध्य प्रदेश में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने और राजस्थान में भजनलाल शर्मा को कमान सौंपकर सबको चौंकाने वाली बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर ऐसा ही बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है। पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारा है। राजनीति का पहिया कितनी बेरहमी और अतरंगे ढंग से घूमता है, महेश केवट इसकी जीती-जागती मिसाल हैं— जिन्हें कभी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर का रास्ता दिखाया गया था, आज वे सीधे संसद की दहलीज पर खड़े हैं।

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भास्कर हाइलाइट्स: 2022 में हुए थे निष्कासित, आज मिला सीधा राज्यमंत्री का दर्जा

  • क्या था विवाद: साल 2022 में निवाड़ी नगर परिषद चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार को गुप्त रूप से वोट देने (क्रॉस वोटिंग) के गंभीर आरोप में बीजेपी ने जिन 11 स्थानीय नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था, उनमें महेश केवट का नाम सबसे ऊपर था।
  • बदला वक्त और किस्मत: बीजेपी ने न सिर्फ महेश केवट का निष्कासन समय से पहले रद्द किया, बल्कि संगठन में उनकी वापसी कराकर सीधे राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। अब उन्हें तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल के बाद तीसरे उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के रण में उतारकर सबको हैरान कर दिया है।

विधानसभा का पूरा गणित: ‘नंबर 11’ का वो खौफनाक चक्रव्यूह जिसने उड़ाई कांग्रेस की नींद

गणित में ग्रेजुएट महेश केवट इस समय अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सियासी जोड़-घटाव में लगे हैं। विधानसभा के मौजूदा समीकरणों को देखें तो तीसरी सीट का मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो चुका है:

उम्मीदवार / पार्टीउपलब्ध वोटजीत के लिए जरूरीसमीकरण / स्थिति
BJP (2 सुरक्षित सीटें)11658 + 58 (116)दो उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह तय है।
महेश केवट (BJP – तीसरी सीट)4758-11 वोट की कमी; कांग्रेस खेमे में सेंधमारी की तैयारी।
मीनाक्षी नटराजन (Congress)6158+3 वोट सरप्लस; सिर्फ 3 वोटों की पतली सुरक्षा।

बीजेपी अपनी दो सीटें बेहद आसानी से जीत रही है। अपनी दो सुरक्षित सीटों को जिताने के बाद भी बीजेपी के तरकश में करीब 47 सरप्लस (अतिरिक्त) वोट बचते हैं। राज्यसभा की तीसरी सीट पर कब्जा करने के लिए जादुई आंकड़ा 58 का है। यानी बीजेपी को अपनी इस तीसरी सीट को निकालने के लिए ठीक 11 अतिरिक्त वोटों की दरकार है। दिलचस्प बात यह है कि कभी पार्टी से बाहर कराने वाला यह ’11’ का आंकड़ा ही अब उन्हें दिल्ली पहुंचा सकता है।

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कांग्रेस में ‘क्रॉस वोटिंग’ का खौफ; तेलंगाना-कर्नाटक भेजने की तैयारी

दूसरी तरफ, कागज पर बहुमत का आंकड़ा होने के बावजूद कांग्रेस के भीतर इस ‘नंबर 11’ के भूत ने गहरी दहशत पैदा कर दी है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के पास फिलहाल 61 प्रभावी वोट हैं, जो जीत के आंकड़े (58) से सिर्फ 3 वोट ज्यादा हैं। अगर बीजेपी की रणनीति के तहत जरा सी भी क्रॉस वोटिंग या विधायकों ने पाला बदला, तो कांग्रेस का गेम ओवर होना तय है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से साफ है कि बीजेपी इस सीट पर महज दिखावे के लिए नहीं, बल्कि पूरे गुणा-भाग के साथ उतरी है। इसी टूट और ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ के डर से कांग्रेस आलाकमान अपने विधायकों के कुनबे को बचाने के लिए उन्हें तत्काल कांग्रेस शासित राज्यों जैसे तेलंगाना या कर्नाटक के सुरक्षित रिसॉर्ट्स में शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गया है।

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