मैहर : मैहर जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सोनवारी के मोदी नगर में एक रपटा या पुलिया का निर्माण न होना ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत का कारण बन गया है। वर्षों से स्थानीय सरपंच से लेकर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक दर्जनों आवेदन सौंपे जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। हर वर्ष मानसून के दौरान उफनता नाला पूरे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से काट देता है। इस स्थिति से स्कूली विद्यार्थियों की शिक्षा, किसानों का दैनिक कार्य और आम नागरिकों का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है।

किनारे पर खड़े रहे मासूम, दूसरी तरफ चिंता में डूबे रहे अभिभावक
इस गंभीर समस्या से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- स्कूल की छुट्टी के बाद का हृदयविदारक दृश्य: विद्यालय से लौटने के बाद मासूम बच्चे तेज बहाव वाले नाले के एक तरफ खड़े होकर पानी का स्तर कम होने की प्रतीक्षा करते रहे। वहीं नाले के दूसरी ओर उनके परिजन किसी अनहोनी की आशंका में चिंतित खड़े नजर आए।
- जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण: मूलभूत सुविधा के अभाव में ग्रामीण तथा छोटे बच्चे प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक नाले को पार करने के लिए विवश हैं।
- प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश: ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव और प्रशासनिक बैठकों में केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
शीघ्र स्वीकृति न मिलने पर जनआंदोलन की चेतावनी
गांव के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन द्वारा शीघ्र ही इस नाले पर पुलिया या रपटा निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई, तो वे उग्र जनआंदोलन का मार्ग चुनने के लिए बाध्य होंगे।
समस्या की संक्षिप्त रूपरेखा
- स्थान: मोदी नगर, ग्राम पंचायत सोनवारी (जिला मैहर)।
- मुख्य समस्या: नाले पर पुलिया/रपटा का न होना।
- प्रभावित क्षेत्र: स्कूली बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा आपात स्थिति, कृषि कार्य एवं दैनिक आवागमन।
- वर्तमान स्थिति: उफनते नाले के कारण संपर्क पूरी तरह बाधित।
- ग्रामीणों की मांग: रपटा निर्माण की तत्काल प्रशासनिक स्वीकृति।







