प्रोफेसर के नेतृत्व में बालिका सुरक्षा माह का भव्य समापन ! यूनिसेफ ने बढ़ाया जिले का मान

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रिपोर्ट : अवनीश उपाध्याय

आजमगढ़ : बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान का बुधवार को पुलिस लाइन परिसर में समापन हो गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद डीएम एनपी सिंह ने कहा कि जब तक महिलाएं अशक्त रहेंगी, तब तक सशक्त राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सका। इसीलिए एक माह का जागरुकता अभियान छेड़ा गया था। ताकि उन्हें यह पता चल सके कि विकट परिस्थिति में वह किस प्रकार का कौन सा कदम उठाएं, किस तरह से सरकारी सुरक्षा एजेंसियों की मदद लें सकें।

डीएम ने कहा कि जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं करता, लड़कियों पर गलत नजर डालता है, ऐसे व्यक्ति के दिमाग में मानसिक विकृतियां उत्पन्न हो गई हैं। इसलिए लोगों को ऐसे पुरुषों के मानसिक विकृतियों को दूर कर उसको सशक्त बनाने की जरुरत है। डीएम ने कहा कि 12 वर्ष तक के बच्चों के अवचेतन मन का विकास तेजी से होता है। इस उम्र में बच्चे बाहरी परिवेश से ज्यादा सीखते हैं। यदि इस समय बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दी जाए तो बच्चों के अंदर स्वस्थ अवचेतन मन का विकास होगा। जिससे बच्चा आगे चलकर अच्छा कार्य करेगा। हम लोगों को 12 वर्ष तक के लड़कियों को भी सशक्त करने की जरुरत है।
एसपी त्रिवेणी सिंह ने कहा कि पुलिस महिला, बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुश्तैद है। उन्हें हर तरह की सुरक्षा प्रदान की जा रही। जहां कहीं से भी महिला हिंसा से जुड़े मामले सामने आते हैं, वहां तत्परता बरतते हुए कार्रवाई की जा रही। एक माह तक चले अभियान के तहत पुलिस की तरफ से करीब डेढ़ लाख से अधिक छात्राओं को जागरुक किया जा चुका है। यह प्रयास निरंतर चलता भी रहेगा। इस अवसर पर यूनिसेफ के उत्तर प्रदेश के चीफ रुथ लेनो, नपा अध्यक्ष शीला श्रीवास्तव, एसपीसिटी पंकज पांडेय, एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओसिटी इलामारन, सीओ सदर मो. अकमल खां, जिला प्रोबेशन अधिकारी बीएल यादव, हीना देसाई सहित तमाम महिला संगठनों के लोग मौजूद रहे। इस दौरान बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कार भी दिया गया।