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नशे के खिलाफ एकजुट हुआ मऊगंज! संदीपन उत्कृष्ट स्कूल में छात्रों और अग्निवीरों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ; चला महा-हस्ताक्षर अभियान

नशे के खिलाफ एकजुट हुआ मऊगंज! संदीपन उत्कृष्ट स्कूल में छात्रों और अग्निवीरों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ; चला महा-हस्ताक्षर अभियान

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The Khabrilal

Published On: Jun 23, 2026, 8:19 PM IST

Updated On: Jun 23, 2026, 8:19 PM IST

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मऊगंज: देशव्यापी ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत इन दिनों मऊगंज जिले में जन-जागरूकता की एक नई लहर देखने को मिल रही है। 17 से 26 जून तक मनाए जा रहे विशेष ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के अंतर्गत मंगलवार को संदीपन शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मऊगंज में एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम और महा-हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर संजय कुमार जैन के कुशल मार्गदर्शन में रमाशिव बहुदेशीय विकास समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और देश सेवा की तैयारी कर रहे अग्निवीरों ने एक सुर में नशामुक्त समाज के निर्माण की हुंकार भरी।

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“नशा छोड़ो, लक्ष्य जोड़ो; युवा पीढ़ी ही है राष्ट्र की असली रीढ़”

“नशा मुक्त भारत, विकसित भारत की पहचान” विषय पर केंद्रित इस आयोजन में युवाओं को नशे की गर्त से दूर रखने के लिए वक्ताओं ने बेहद मार्मिक और व्यावहारिक बातें साझा कीं:

  • प्राचार्य ने दिलाई शपथ: विद्यालय के प्राचार्य भोलानाथ उपाध्याय ने उपस्थित जनसमुदाय को नशामुक्त जीवन शैली अपनाने की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए ‘नशा छोड़ो, लक्ष्य जोड़ो’ का मूलमंत्र दिया और कहा कि नशा न सिर्फ एक इंसान को शारीरिक रूप से खत्म करता है, बल्कि पूरे हंसते-खेलते परिवार को आर्थिक और सामाजिक अंधकार में धकेल देता है।
  • बढ़-चढ़कर हुआ हस्ताक्षर: इस दौरान स्कूल परिसर में एक विशाल संकल्प बोर्ड लगाया गया था, जहाँ सैकड़ों छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध शिक्षकों ने अपने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे न तो खुद कभी नशे को हाथ लगाएंगे और न ही अपने आसपास किसी को बर्बाद होने देंगे।

अपराधों और बीमारियों की मुख्य जड़ है नशा; रचनात्मकता से बदलेगी तस्वीर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिकाओं ने भी छात्र-छात्राओं का सही मार्गदर्शन किया:

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  1. पारिवारिक बिखराव की वजह: शिक्षिका किरण पांडेय और गायत्री पांडे ने अपने संयुक्त उद्बोधन में रेखांकित किया कि मादक पदार्थों (Drugs & Alcohol) का सेवन केवल कैंसर या मानसिक अवसाद जैसी बीमारियां ही नहीं लाता, बल्कि समाज में बढ़ते घरेलू हिंसा और चोरी-लूटे जैसे गंभीर अपराधों की मुख्य जड़ भी यही है।
  2. कला और खेल को बनाएं ढाल: उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने खाली समय को मोबाइल या अकेलेपन में बिताने के बजाय बेहतरीन किताबों, खेलकूद, संगीत और रचनात्मक कलाओं से भरें। जब दिमाग सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रहेगा, तो नशे जैसे भटकाव की तरफ ध्यान ही नहीं जाएगा।

सक्रिय सहभागिता और संकल्प —

“इस भव्य और गरिमामयी अभियान को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकर्ता उमेश रावत, बीनू यादव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, पदाधिकारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने कड़ा संकल्प लेते हुए मऊगंज जिले के हर गांव और गली को पूर्ण नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया है।”

इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि मऊगंज का युवा अब केवल पढ़-लिख ही नहीं रहा, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ जमीन पर उतरकर नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है।

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