सतना/भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा जारी 2,035 पुलिसकर्मियों की कार्यवाहक उपनिरीक्षक (SI) पदोन्नति सूची में एक बड़ी और हैरान करने वाली प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। पीएचक्यू द्वारा जारी आधिकारिक सूची में सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दिदौन्ध निवासी दिवंगत पुलिसकर्मी राकेश सिंह बघेल का नाम भी पदोन्नति के लिए शामिल कर दिया गया है। सूची में उनका नाम क्रमांक 1115 पर दर्ज है, जबकि बीमारी के कारण पिछले वर्ष ही पन्ना जिले में पदस्थापना के दौरान उनका निधन हो चुका था।

पन्ना में पदस्थापना के दौरान हुई थी मृत्यु; सूची में मिला क्रमांक 1115
इस प्रशासनिक चूक से जुड़ी प्रमुख कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- मृत्यु के बाद भी मिला प्रमोशन: सतना निवासी सहायक उपनिरीक्षक (ASI) राकेश सिंह बघेल की पन्ना जिले में पदस्थापना के दौरान पिछले साल बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद 9 जुलाई 2026 को जारी आदेश में उनका नाम SI पद पर पदोन्नत अधिकारियों की सूची में शामिल कर दिया गया।
- वर्तमान पदस्थापना पर कार्यभार का आदेश: पीएचक्यू द्वारा ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ के तहत जारी आदेश में सभी पदोन्नत अधिकारियों को उनकी वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विभाग की हास्यास्पद स्थिति बन गई है।
सेवा अभिलेख और पुलिस मुख्यालय की सत्यापन प्रणाली पर उठे सवाल
इतनी बड़ी स्तर की पदोन्नति प्रक्रिया में सेवा अभिलेखों (Service Records) का अंतिम सत्यापन और स्क्रूटनी अनिवार्य होती है। इसके बावजूद दिवंगत कर्मचारी का नाम प्रमोशन लिस्ट में शामिल होना पुलिस मुख्यालय की रिकॉर्ड अपडेटिंग और सत्यापन व्यवस्था की पोल खोलता है। जानकारों का कहना है कि यह लापरवाही दर्शाती है कि जिलों से पीएचक्यू भेजे जाने वाले डेटा का अंतिम स्तर पर मिलान नहीं किया गया।
मामले का संक्षिप्त विवरण (Case Snapshot Matrix)
- विभाग: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल।
- दिवंगत पुलिसकर्मी: स्व. राकेश सिंह बघेल (मूल निवासी: ग्राम दिदौन्ध, कोठी, जिला सतना)।
- पदनाम व पदोन्नति: ASI से कार्यवाहक उपनिरीक्षक (SI)।
- सूची में क्रमांक: 1115 (कुल 2,035 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति सूची में)।
- अंतिम पदस्थापना स्थान: जिला पन्ना (जहाँ पिछले वर्ष निधन हुआ था)।
- मुख्य मुद्दा: सेवा अभिलेखों के अद्यतनीकरण (Update) एवं सत्यापन में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही।







