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मैहर की नई पहचान बनेगा ‘मैहर डॉल्स प्रोजेक्ट’: जिला पंचायत CEO शैलेंद्र सिंह और कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी की पहल; ३५ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का १४ दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, बनेंगी स्वावलंबी

मैहर की नई पहचान बनेगा ‘मैहर डॉल्स प्रोजेक्ट’: जिला पंचायत CEO शैलेंद्र सिंह और कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी की पहल; ३५ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का १४ दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, बनेंगी स्वावलंबी

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The Khabrilal

Published On: Jul 23, 2026, 8:39 PM IST

Updated On: Jul 23, 2026, 8:39 PM IST

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मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी व अनूठी पहल की है। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के परिपालन में बोस कॉलोनी रेलवे स्टेशन स्थित इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) में संचालित ‘मैहर डॉल्स प्रोजेक्ट’ (Maihar Dolls Project) के तहत 14 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

इस निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से आई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के स्वयं सहायता समूहों (SHG) की 35 महिलाओं ने सॉफ्ट टॉयज (Soft Toys) और टेडी बियर बनाने का गहन तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया।

लखपति बहन बनाने की ओर मजबूत कदम; बाजार की मांग के अनुरूप तैयार होंगे उत्पाद

समापन समारोह एवं परियोजना की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • ‘लखपति बहन’ बनाने का संकल्प: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “आज देश और मध्य प्रदेश में लाखों बहनें अपना खुद का स्वरोजगार स्थापित कर ‘लखपति बहन’ बन रही हैं। मैहर में तैयार होने वाले ये सॉफ्ट टॉयज और डॉल्स आने वाले समय में बाजार की मुख्य रौनक बनेंगे, जिससे महिलाएं कम लागत में बेहतरीन मुनाफा कमा सकेंगी।”
  • उत्कृष्ट फैकल्टी का मार्गदर्शन: प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कम से कम लागत में गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक खिलौने बनाने की बारीकियां सिखाई गईं।

कार्यक्रम में ये वरिष्ठ अधिकारी व अतिथि रहे मौजूद

समारोह में जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह, डीपीएम NRLM डॉ. गौरव शर्मा, एलडीएम मैहर रवि रंजन रवि, एपीओ अवधेश सिंह, ब्लॉक मैनेजर अमित शुक्ला, कोर्स कोऑर्डिनेटर मनीष कुमार नामदेव, फैकल्टी सुश्री शुभांगी ताम्रकार, हिमांशु त्रिपाठी एवं अतुल नामदेव विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी 35 प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल एवं आत्मनिर्भर भविष्य की कामना की।

क्या है ‘मैहर डॉल्स प्रोजेक्ट’? (What is Maihar Dolls Project)

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) मैहर द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की गृहणियों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आधुनिक सॉफ्ट टॉयज व फैंसी डॉल्स निर्माण का हुनर सिखाना है। इसके माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें बाजार की मांग के अनुसार ब्रांडेड उत्पाद तैयार करने और आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रोजेक्ट का संक्षिप्त विवरण (Project Snapshot Matrix)

  • प्रोजेक्ट का नाम: मैहर डॉल्स प्रोजेक्ट (Maihar Dolls Project)।
  • मार्गदर्शन: श्रीमती बिदिशा मुखर्जी (कलेक्टर, मैहर)।
  • आयोजन स्थल: इंडियन बैंक RSETI, बोस कॉलोनी, मैहर।
  • प्रशिक्षण अवधि: 14 दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर।
  • लाभार्थी: स्वयं सहायता समूह (NRLM) की 35 ग्रामीण महिलाएं।
  • मुख्य उद्देश्य: सॉफ्ट टॉयज/टेडी बियर निर्माण के जरिए महिलाओं को स्वावलंबी व लखपति बहन बनाना।

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