मैहर/सतना: भारतीय रेल के सफर के दौरान अक्सर कई तरह की तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन मंगलवार को कटनी-मैहर रेल खंड के बीच मानवता और सहयात्रियों की सूझबूझ की एक बेहद सुखद और दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है। नागपुर से बिहार अपने घर लौट रही एक 23 वर्षीय गर्भवती महिला को चलती ट्रेन में अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए उसी कोच में सफर कर रही अन्य महिला यात्रियों ने तत्परता दिखाई और बोगी के भीतर ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी (Safe Delivery) करा दी। मैहर रेलवे स्टेशन पर सूचना मिलते ही मुस्तैद हुए रेल अमले ने जच्चा-बच्चा को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

नागपुर से बिहार जा रहा था मंसूरी परिवार; M-2 बोगी में हुआ जन्म
रेलवे प्रशासन और मैहर जीआरपी (GRP) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सुखद घटनाक्रम का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
- सीतामढ़ी का है परिवार: बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली 23 वर्षीय फिरोजी खातून अपने पति मोहम्मद इशाक मंसूरी के साथ नागपुर में रहती थीं। वे दोनों ट्रेन संख्या 15232 (गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस) के एसी कोच एम-2 (M-2) की सीट नंबर 36 और 33 पर सवार होकर अपने गृह राज्य बिहार लौट रहे थे।
- सफर के बीच उठा दर्द: मंगलवार को जब एक्सप्रेस ट्रेन कटनी स्टेशन से छूटकर मैहर की ओर रफ्तार भर रही थी, तभी अचानक फिरोजी खातून को प्रसव वेदना शुरू हो गई। ट्रेन को बीच रास्ते में रोकना मुमकिन नहीं था और दर्द बढ़ता ही जा रहा था।
देवदूत बनीं बोगी की महिलाएं; हेल्पलाइन पर कॉल कर पति ने मांगी मदद
ऐसी नाजुक घड़ी में बोगी में मौजूद महिला यात्रियों ने मोर्चा संभाला और बोगी को ही अस्थाई प्रसव कक्ष में तब्दील कर दिया:
- बेटे को दिया जन्म: सफर कर रही अन्य जागरूक महिलाओं के सहयोग और हौसले से कोच के भीतर ही सफल प्रसव कराया गया, जहां फिरोजी खातून ने एक सुंदर और स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। ट्रेन में बच्चे की पहली किलकारी गूंजते ही पूरे डिब्बे के यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई।
- रेलवे कंट्रोल को फ्लैश हुआ मैसेज: प्रसव के तुरंत बाद महिला के पति मोहम्मद इशाक मंसूरी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल रेलवे के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (Railway Helpline) पर कॉल कर मेडिकल अटेंशन की मांग की।
मैहर स्टेशन पर हाई अलर्ट; प्लेटफॉर्म पर तैयार खड़ी थी डॉक्टरों की टीम और 108 एम्बुलेंस
प्रशासनिक मुस्तैदी और जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य —
“रेलवे कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश होते ही मैहर रेलवे स्टेशन प्रबंधन, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी की टीम तत्काल एक्टिव मोड पर आ गई। ट्रेन के मैहर पहुंचने से पहले ही प्लेटफॉर्म पर 108 एम्बुलेंस और शासकीय डॉक्टरों की स्पेशल टीम को तैनात कर दिया गया था। जैसे ही गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस मैहर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, रेलवे और मेडिकल स्टाफ बिना एक पल गंवाए बोगी के अंदर दाखिल हुआ। पूरी संवेदनशीलता और सुरक्षा के साथ मां और नवजात शिशु को नीचे उतारा गया और तत्काल सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती कराया गया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर उचित फर्स्ट-एड और चिकित्सीय देखरेख मिलने के कारण वर्तमान में मां और उनका नवजात बेटा दोनों पूरी तरह से खतरे से बाहर, स्वस्थ और सुरक्षित हैं।”
चलती ट्रेन में इस सुरक्षित प्रसव को संभव बनाने वाली महिला यात्रियों की ममता और मैहर रेल अमले की इस त्वरित कार्यप्रणाली की स्टेशन पर मौजूद सभी यात्रियों ने जमकर सराहना की।







