इंदौर: इंदौर कमिश्नरेट में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, नशाखोरी और शातिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) द्वारा चलाए जा रहे विशेष ‘क्लीन स्वीप’ अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की टीम को दोहरी और बेहद बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की विंग ने पहली कार्रवाई में एमआर 04 रोड पर घेराबंदी कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 हजार रुपये मूल्य की अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है। वहीं, दूसरी समानांतर कार्रवाई में पुलिस ने एरोड्रम थाना क्षेत्र से करीब एक साल से फरार चल रहे एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी एडवाइजरी कंपनियों को अपने बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराकर मोटी ठगी को अंजाम देता था।
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(कार्रवाई-1): भंडारी ब्रिज के नीचे डिलीवरी देने आए थे इलियास और समीर
क्राइम ब्रांच और नार्कोटिक्स विंग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ड्रग्स तस्करी का पूरा भंडाफोड़ इस प्रकार हुआ:
- मुखबिर की सटीक सूचना: क्राइम ब्रांच की टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि भंडारी ब्रिज के नीचे एमआर 04 रोड क्षेत्र में कुछ संदिग्ध युवक हैवी ड्रग्स की बड़ी डिलीवरी देने के लिए आने वाले हैं।
- घेराबंदी कर दबोचा: पुलिस ने तत्काल सादे कपड़ों में जाल बिछाया और मौके पर संदिग्ध हालत में खड़े दो युवकों को रोककर पूछताछ की। आरोपियों ने अपनी पहचान इलियास और समीर (दोनों निवासी इंदौर) के रूप में उजागर की।
- मिली 17.78 ग्राम ब्राउन शुगर: जब दोनों की विधिक तलाशी ली गई, तो उनके कपड़ों और जेब से एक गुप्त प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जांच करने पर उसमें 17.78 ग्राम शुद्ध ब्राउन शुगर पाई गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80,000 रुपये आंकी गई है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज; कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
पकड़े गए दोनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है:
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- दर्ज हुआ मुकदमा: थाना क्राइम ब्रांच में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 87/26 दर्ज करते हुए धारा 8/21 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर आपराधिक मामला पंजीबद्ध किया गया है।
- मुख्य ड्रग सप्लायर की तलाश: प्रारंभिक कड़े रिमांड और पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे केवल अवैध आर्थिक लाभ कमाने के चक्कर में इस धंधे में उतरे थे। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से विवेचना कर रही है कि यह माल इंदौर में किस बड़े पेडलर से लाया गया था और शहर के किन-किन पबों, कॉलेजों या खरीदारों को बेचा जाना था।
भास्कर हाइलाइट्स (कार्रवाई-2): फर्जी एडवाइजरी स्कैम का मास्टरमाइंड राजेश पंवार भी अरेस्ट
मादक पदार्थों के अलावा क्राइम ब्रांच ने शहर के करोड़ों रुपये के पुराने फ्रॉड केस में भी एक बड़ी सफलता हासिल की है:
खाता किराए पर देने वाला आरोपी गिरफ्तार —
“क्राइम ब्रांच इंदौर ने वर्ष 2025 के अपराध क्रमांक 20/25 (फर्जी एडवाइजरी कंपनी घोटाला) में लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे इनामी आरोपी राजेश पंवार (पिता नाथूलाल पंवार) को एरोड्रम थाना क्षेत्र से तकनीकी साक्ष्यों और सायबर सेल की मदद से धर दबोचा। दरअसल, साल 2025 में क्राइम ब्रांच ने विजय नगर इलाके में चल रही एक फर्जी एडवाइजरी कंपनी का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को जेल भेजा था। पकड़ा गया आरोपी राजेश पंवार इतना शातिर है कि वह ठगी की रकम को खपाने के लिए अपने निजी बैंक खाते इन फर्जी कंपनियों को हर महीने ‘किराए’ पर देता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी राजेश पर पहले से ही एरोड्रम थाने में 3 अन्य गंभीर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।”
इन दोनों ही बड़ी और सफल कार्यवाहियों में इंदौर क्राइम ब्रांच के थाना प्रभारी, उपनिरीक्षकों और जमीनी सायबर टीम की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में शहर के कई अन्य वांछित अपराधियों पर भी ऐसा ही तगड़ा शिकंजा कसा जाएगा।









