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इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान; लवकुश चौराहे पर ₹१७५ करोड़ से बने मध्य प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की एक भुजा का लोकार्पण, सिंहस्थ-२०२८ के लिए सिद्ध होगा मील का पत्थर

इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान; लवकुश चौराहे पर ₹१७५ करोड़ से बने मध्य प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की एक भुजा का लोकार्पण, सिंहस्थ-२०२८ के लिए सिद्ध होगा मील का पत्थर

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The Khabrilal

Published On: Jul 23, 2026, 8:55 PM IST

Updated On: Jul 23, 2026, 8:55 PM IST

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इंदौर: “इंदौर और विकास एक-दूसरे के पूरक व पर्याय हैं।” यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के पहले अत्याधुनिक डबल लेयर फ्लाईओवर ब्रिज (Double Layer Flyover Bridge) की एक भुजा का भव्य लोकार्पण करते हुए कही। इंदौर के प्रमुख लवकुश चौराहे पर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा ₹175 करोड़ की लागत से निर्मित इस फ्लाईओवर को मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और उन्नत इंजीनियरिंग का अनुपम उदाहरण बताया।यह नया फ्लाईओवर आगामी सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर-उज्जैन मुख्य मार्ग पर बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को पूरी तरह नियंत्रित करने और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।


त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था वाला पहला चौराहा; 800 टन स्टील का अनूठा ढांचा

परियोजना एवं लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख तकनीकी और प्रशासनिक कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • त्रिस्तरीय (3-Tier) यातायात का अनूठा मॉडल: लवकुश चौराहे पर अब मध्य प्रदेश की सबसे अनूठी 3-स्तरीय व्यवस्था बनी है:
  1. पहला स्तर: लवकुश चौराहे का ग्राउंड-लेवल सामान्य यातायात।
  2. दूसरा स्तर: वर्तमान फ्लाईओवर एवं मेट्रो रेल कॉरिडोर।
  3. तीसरा स्तर: 22 मीटर की ऊंचाई पर निर्मित नया डबल लेयर फ्लाईओवर।
  • इंजीनियरिंग का कमाल: लगभग 1450 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर में 22 मीटर की ऊंचाई पर 65-65 मीटर लंबे दो बो-स्ट्रिंग गर्डर (Bow-String Girders) लगाए गए हैं, जिनका वजन 400-400 टन (कुल 800 टन स्टील) है।
  • अरविंदो से बाणगंगा की ओर मार्ग शुरू: फ्लाईओवर की एक भुजा का लोकार्पण होने से अरविंदो अस्पताल की तरफ से बाणगंगा की ओर जाने वाला ट्रैफिक शुरू हो गया है। दूसरी भुजा का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है, जिसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

सिंहस्थ-२०२८, ईंधन बचत और सुगम यात्रा का नया आधार

लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “यह परियोजना विकसित इंदौर और विकसित मध्य प्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे आम जनता के यात्रा समय और ईंधन में भारी बचत होगी, वहीं चौराहे पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।”


कार्यक्रम में ये वरिष्ठ जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

समारोह में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा और IDA के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।


परियोजना का संक्षिप्त ढांचा (Project Snapshot Matrix)

  • स्थान: लवकुश चौराहा, इंदौर (इंदौर-उज्जैन मार्ग)।
  • लागत एवं निर्माण एजेंसी: ₹175 करोड़ | इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA)।
  • कुल लंबाई व ऊंचाई: 1450 मीटर लंबाई | 22 मीटर ऊंचाई।
  • मुख्य विशेषता: 3-स्तरीय ट्रैफिक मैनेजमेंट (ग्राउंड + मेट्रो/फ्लाईओवर + नया डबल लेयर)।
  • स्टील संरचना: 800 टन वजनी बो-स्ट्रिंग गर्डर्स।
  • मुख्य लाभ: सिंहस्थ-2028 हेतु सुगम यातायात, समय/ईंधन की बचत और जाम से मुक्ति।
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