सिंगरौली के बंधौरा पावर प्लांट में खौफनाक हादसा: बॉयलर में फंसने से झारखंड के मजदूर की दर्दनाक मौत; प्लांट में मची भगदड़, बाउंसरों ने लगाया पहरा

सिंगरौली (बंधौरा): मध्य प्रदेश के ऊर्जांचल कहे जाने वाले सिंगरौली जिले के बंधौरा चौकी अंतर्गत स्थित एक निजी पावर प्लांट में मंगलवार को सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ने से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ निजी कंपनी के पावर प्लांट में काम के दौरान बॉयलर में फंस जाने से एक मजदूर की मौके पर ही चीख-पुकार के बीच मौत हो गई। इस भयावह हादसे के बाद प्लांट परिसर के भीतर काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों में हड़कंप और भगदड़ मच गई। घटना को दबाने की नीयत से कंपनी प्रबंधन ने तुरंत मुख्य द्वारों पर भारी संख्या में बाउंसरों की फौज तैनात कर दी, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति या मीडिया अंदर दाखिल न हो सके।

भास्कर हाइलाइट्स: झारखंड का रहने वाला था मृतक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

  • मजदूर की हुई शिनाख्त: सिंगरौली पुलिस अधीक्षक (SP) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे का शिकार हुआ अभागा मजदूर झारखंड के गढ़वा थाना क्षेत्र का रहने वाला था, जिसकी पहचान अंगद चौधरी के रूप में हुई है। वह प्लांट में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत था।
  • सोशल मीडिया पर मची खलबली: हादसे के ठीक बाद प्लांट के अंदर मची अफरा-तफरी, चीख-पुकार और मजदूरों की भगदड़ का एक लाइव वीडियो किसी कर्मचारी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने तत्काल भारी पुलिस बल बंधौरा प्लांट के लिए रवाना कर दिया है।

सुरक्षा राम भरोसे: 3 महीने पहले भी हो चुके हैं कई गंभीर हादसे

इस दर्दनाक मौत के बाद निजी पावर प्लांट प्रबंधन की घोर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और श्रमिक यूनियनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है:

  1. चरमरा गई व्यवस्था: स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों का सीधा आरोप है कि इस भारी-भरकम निजी कंपनी के पावर प्लांट में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है। यहाँ सुरक्षा व्यवस्था (Safety Norms) पूरी तरह चरमरा चुकी है।
  2. लापरवाही का इतिहास: मजदूरों को बिना किसी पुख्ता सेफ्टी गियर, बेल्ट या हेलमेट के खतरनाक बॉयलरों और ऊंचाइयों पर झोंक दिया जाता है। करीब तीन महीने पहले भी इसी प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई छोटे-बड़े हादसे सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक ढील के कारण कंपनी के हौसले बुलंद हैं।

मजदूर संगठनों ने की मुआवजे की मांग, प्रबंधन साधे है चुप्पी

घटना के बाद से ही विभिन्न मजदूर संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। श्रमिक नेताओं ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही मांग उठाई गई है कि मृतक अंगद चौधरी के आश्रित परिवार को कंपनी प्रबंधन की ओर से तुरंत 50 लाख रुपये का उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी दी जाए।

जांच में जुटी पुलिस —

इस पूरे घटनाक्रम और हंगामे को लेकर फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मर्ग कायम कर हादसे के वास्तविक तकनीकी कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है। प्लांट परिसर में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है।

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