KHABRI LAL : गुड्डू जमाली ने कभी लड़ा था मुलायम सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव,आज दुष्कर्म के प्रयास का है आरोपी

0
1103
Advertisement Girl in a jacket

 

 

रिपोर्ट : अवनीश उपाध्याय

आजमगढ़ : समाजवादी पार्टी की लहर में अखिलेश यादव को क्लीन स्वीप से रोकने वाले बसपा मुखिया व पूर्व सीएम मायावती का करीब विधायक शाह आलम जमाली दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में घिरने के बाद चर्चा का विषय बने हुए है। शाह आलम पूर्व में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुका है यह अलग बात है कि उसे तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था।

कभी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली की पहचान पूर्वांचल के बड़े बिल्डरों में होती थी। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पहली बार गुड्डू जमाली राजनीति में उतरे। मायावती के भाई का बिजनेस पार्टनर होने का उन्हें लाभ मिला और मायावती से मुबारकपुर विधानसभा से टिकट हासिल करने में सफल रहे। इस चुनाव में सपा की लहर थी और आजमगढ़ की दस में से नौ विधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा हुआ था लेकिन शाह आलम ने मुबारकपुर सीट जीतकर सपा को क्लीन स्वीप से रोक दिया था। उन्होंने चुनाव भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव के करीबी नेता अखिलेश यादव को हराया था।

इसके बाद मायावती ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सारे दावेदारों को दरकिनार कर शाह आलम को सपा संरक्षक मुलायम सिंह के खिलाफ प्रत्याशी बनाया था। यह चुनाव मुलायम सिंह यादव 63 हजार मतों से जीते थे। दूसरे नंबर पर भाजपा के रमाकांत यादव रहे थे। शाह आलम ने राजनीति के बड़े खिलाड़ी रहे मुलायम सिंह यादव और रमाकांत यादव को कड़ी चुनौती दी थी। कहने के लिए वे तीसरे स्थान पर थे लेकिन मत पर ध्यान दे तो उन्हें मुलायम सिंह से मात्र 74 हजार कम वोट मिला था। जबकि दूसरे नंबर पर रहे रमाकांत से वे 11 हजार मतों से पीछे थे। मुलायम सिंह के जीत का अंतर कम होने का बड़ा कारण शाह आलम को माना गया था। कारण कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में शाह आलम को काफी अच्छा समर्थन मिला था।

यही वजह थी कि वर्ष 2017 के विधानसभा में जब सपा और कांग्रेस गठबंधन कर मैदान में उतरी तो मायावती ने फिर मुबारकपुर सीट से शाह आलम को ही मौका दिया और उन्होंने यह सीट बसपा की झोली में डाल दी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में शाह आलम को आजमगढ़ सीट से प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन यह सीट गठबंधन के बाद सपा के खाते में चली गयी तथा अखिलेश यादव ने खुद यहां से चुनाव लड़ा जिसके कारण गुड्डू जमाली को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। विधायक रहते हुए जमाली ने खुद को हमेशा गरीबों का हमदर्द साबित करने का प्रयास किया जिसके कारण वे हमेशा चर्चा में रहे।

अब उन्हीं की कंपनी पूर्वांचल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमटेड में काम करने वाली एक युवती ने जमाली पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। यहीं नहीं महिला कर्मचारी ने विधायक पर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। इससे विधायक एक बार फिर चर्चा में हैं। वैसे इस मामले में विधायक अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।