भोपाल: इंदौर में घटित एक दुखद सड़क दुर्घटना में डाक सहायक स्व. उर्मिला सैनी के असमय निधन के बाद राज्य सरकार ने उनके मासूम बच्चों के प्रति बड़ी मानवीय संवेदना और संवेदनशीलता दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर निवासी मासूम अव्यक्त (7 वर्ष) और प्रेक्षा (15 वर्ष) की स्कूली तथा उच्च शिक्षा की पढ़ाई-लिखाई सुनिश्चित करने के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
विधानसभा कक्ष में परिजनों से मिले सीएम; बच्चों के नाम बनेगी ५ लाख की FD

विधानसभा में हुई भावुक मुलाकात और सहायता योजना की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- परिजनों को बंधाया ढांढस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मासूम प्रेक्षा ने अपने नाना सत्यनारायण मालाकार और अन्य परिजनों के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में भेंट की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि वे खुद को बिल्कुल भी अकेला न समझें, बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार संभालेगी।
- शिक्षा के लिए एफडी (FD) व्यवस्था: मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों के नाम पर 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी। इस राशि से मिलने वाले ब्याज का उपयोग मासूमों की पढ़ाई-लिखाई और दैनिक देखभाल के खर्चों में किया जाएगा।
मासूम बच्चों के भविष्य को मिला सुरक्षा कवच
हादसे में माँ का साया उठ जाने के बाद उत्पन्न हुई विकट परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री की इस पहल से दोनों बच्चों की प्रारंभिक और उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा। स्थानीय प्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस संवेदनशील पहल का स्वागत किया है।
सहायता का सांख्यिकीय एवं वित्तीय ढांचा (Financial Support Matrix)
- दिवंगत नागरिक: स्व. उर्मिला सैनी (डाक सहायक, इंदौर)।
- लाभांवित मासूम बच्चे: अव्यक्त (आयु 7 वर्ष) एवं प्रेक्षा (आयु 15 वर्ष)।
- स्वीकृत कुल सहायता राशि: ₹5,00,000/- (पांच लाख रुपये)।
- सहायता का स्वरूप: बच्चों के नाम 5 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (ब्याज से होगी पढ़ाई)।
- मुख्य अभिभावक (मुलाकात के समय): सत्यनारायण मालाकार (नाना)।







