भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए किसानों का कल्याण और उनकी प्रगति सर्वोपरि प्राथमिकता है। कृषक कल्याण वर्ष – २०२६ के अंतर्गत प्रदेश भर में अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। शनिवार को दतिया से वर्चुअली जुड़कर खरगोन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष की प्रथम छमाही में उन्नत कृषि एवं आधुनिक तकनीकों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव की श्रृंखला चलाई जा रही है।

१५ जुलाई से शुरू हुआ सिलसिला, किसानों को हेलमेट बांटने का नवाचार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दी गई प्रमुख जानकारियों एवं घोषणाओं के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- बलराम कृषि महोत्सव की यात्रा: इंदौर से १५ जुलाई को इस महोत्सव का शुभारंभ हुआ था, जिसके बाद २३ जुलाई को आलीराजपुर तथा अब खरगोन में भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
- किसान सुरक्षा हेतु अनूठा नवाचार: गांवों से दोपहिया वाहनों (बाइक/स्कूटर) पर दूध और सब्जियां लेकर शहरों की ओर आने-जाने वाले किसान भाइयों की जीवन रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा हेलमेट वितरित किए गए हैं। यह पहल किसानों के लिए सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा का नया कदम है।
- १३ नवंबर तक चलेगा अभियानों का दौर: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी १३ नवंबर २०२६ तक प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव और कृषि पर आधारित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।
पर्याप्त बिजली और १६ विभागों की सहभागिता से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है और किसानों को दिन-रात पर्याप्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ में शासन के १६ प्रमुख विभागों की सहभागिता तय की गई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के विस्तृत रोडमैप को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके।
कार्यक्रम में खरगोन स्थल पर बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
संबोधन की संक्षिप्त रूपरेखा
- मुख्य वक्ता: डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)।
- आयोजन: बलराम कृषि महोत्सव (खरगोन – वर्चुअल संबोधन)।
- विशेष नवाचार: दूध-सब्जी विक्रेता किसानों को हेलमेट वितरण।
- समयसीमा: १३ नवंबर २०२६ तक प्रदेश भर में आयोजनों की घोषणा।
- मुख्य लक्ष्य: उन्नत कृषि तकनीक, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय में वृद्धि।






