चित्रकूट/सतना: विंध्य अंचल के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। 123.3 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 134.650 मीटर पर पहुंच गया है, जो वर्ष 2003 (134.500 मीटर) से 15 सेंटीमीटर अधिक है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। सेना के दो हेलीकॉप्टरों और नावों की मदद से बाढ़ में फंसे श्रद्धालुओं और नागरिकों का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट और सतना के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे।
सेना का रेस्क्यू, रेल यातायात ठप और मुख्य क्षति
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सेना के हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू: चित्रकूट में पानी की चपेट में आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को निकालने के लिए सेना के 2 हेलीकॉप्टर राहत-ब बचाव कार्य में जुटाए गए हैं। 6 स्थानों पर अस्थायी राहत व चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं।
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12 ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित: मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के सतना-मानिकपुर रेलखंड (चितहरा से खुटहा स्टेशन) पर शरभंग नदी के उफान से ट्रैक पर जलभराव हो गया। मझगवां अंडरब्रिज के पास रेल लाइन की मिट्टी धंसने से रीवा एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस सहित 12 यात्री ट्रेनें प्रभावित हुईं।
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पुल क्षतिग्रस्त और संपर्क मार्ग बंद: नयागांव-हनुमानधारा मार्ग और रामघाट से हनुमान धारा पहुंच मार्ग का पुराना पुल पानी के भारी तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया है। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
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मठ-मंदिर जलमग्न: दीनदयाल शोध संस्थान परिसर, सियाराम कुटीर और तुलसी पीठ सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों में पानी भर गया है।
चित्रकूट और सतना अतिवृष्टि: मुख्य आंकड़े एवं स्थिति
| विवरण | आंकड़े / वर्तमान स्थिति |
| मंदाकिनी का वर्तमान जलस्तर | 134.650 मीटर (2003 का 134.500m का रिकॉर्ड टूटा) |
| सतना जिले में 24 घंटे की बारिश | 123.3 मिमी (लगभग 4.85 इंच) |
| रेस्क्यू ऑपरेशन | सेना के 2 हेलीकॉप्टर, SDRF बोट एवं प्रशासनिक टीम |
| प्रभावित रेलमार्ग | मुंबई-हावड़ा रूट (मझगवां-चितहरा रेलखंड) |
| राहत शिविर व्यवस्था | चित्रकूट में 6 आश्रय स्थल (भोजन व दवा उपलब्ध) |
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
जिला प्रशासन सतना और पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि दोपहर तक मंदाकिनी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। निचले इलाकों में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।










