अमरपाटन में आंगनवाड़ी व सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में बड़ा प्रशासनिक व राजनीतिक विवाद, शिलालेख से जनपद अध्यक्ष का नाम ही गायब: पूर्व मंत्री और उनकी बहू तारा विजय पटेल को मिली मुख्य जगह; प्रोटोकॉल उल्लंघन पर उठे सवाल

अमरपाटन/मैहर: मैहर (Maihar) जिले के अमरपाटन जनपद अंचल अंतर्गत हाल ही में संपन्न हुए आंगनवाड़ी भवन और सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक नया विवाद गहरा गया है। नवपरिसीमित और नवनिर्मित इन शासकीय भवनों के लोकार्पण अवसर पर लगाए गए आधिकारिक शिलालेख (Plaque) से स्थानीय जनपद पंचायत अध्यक्ष माया विनीत पांडे का नाम पूरी तरह गायब कर दिया गया है। इसके विपरीत शिलालेख पर अंचल के पूर्व मंत्री और उनकी पुत्रवधू (जिला पंचायत सदस्य) तारा पटेल के नाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के तय प्रोटोकॉल की अनदेखी को लेकर अब मैदानी स्तर पर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं।

शासकीय शिलालेख से स्थानीय जनप्रतिनिधि दरकिनार; प्रोटोकॉल नियमों की धज्जियां

अमरपाटन के इस चर्चित राजनीतिक विलेख की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • प्रोटोकॉल पर प्रशासनिक चूक: मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के स्पष्ट विधिक दिशा-निर्देश हैं कि जनपद क्षेत्र अंतर्गत होने वाले किसी भी विकास कार्य या शासकीय भवन के लोकार्पण पट्टी पर क्षेत्रीय जनपद अध्यक्ष माया विनीत पांडे का नाम अंकित होना अनिवार्य है। इसके बावजूद अमरपाटन में हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष के नाम को शिलालेख से विलोपित कर दिया गया, जिसे लेकर जनपद पंचायत सदस्यों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।
  • पूर्व मंत्री और बहू का नाम अंकित: कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और उनकी पुत्रवधू तारा पटेल जिला पंचायत सदस्य की उपस्थिति और शिलालेख पर उनके नाम का अंकन मुख्य चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विपक्षी खेमे और स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि कलेक्ट्रेट व ग्रामीण विकास विभाग की शह पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के विधिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में हलचल; जनपद पंचायत विंग जता सकती है कड़ा विरोध

घटनाक्रम के बाद उपजे प्रशासनिक व राजनीतिक हालातों की कड़ियाँ नीचे दी गई हैं:

  1. अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में: इस पूरे मामले में जनपद पंचायत अमरपाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और निर्माण एजेंसी के उपयंत्री (Sub Engineer) की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से शिलालेख तैयार कराया गया और नाम विलोपित करने का यह विलेख किसके कहने पर हुआ।
  2. आंदोलन की चेतावनी: स्थानीय जनपद प्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस विधिक अनदेखी की शिकायत मैहर कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत सीईओ और प्रभारी मंत्री राधा सिंह से करेंगे। यदि शिलालेख में विधिक सुधार कर स्थानीय अध्यक्ष का नाम शामिल नहीं किया गया, तो जनपद स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

विवाद एवं प्रोटोकॉल उल्लंघन का तार्किक ढांचा

  • स्थान: जनपद पंचायत अमरपाटन, मैहर जिला।
  • मुख्य विषय: आंगनवाड़ी एवं सामुदायिक भवन का लोकार्पण।
  • विवादित बिंदु (Core Conflict): आधिकारिक शिलालेख (Plaque) पर जनपद अध्यक्ष का नाम न होना।
  • अंकित प्रमुख नाम: पूर्व मंत्री एवं तारा विजय पटेल जिला पंचायत सदस्य।

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