बांदा/मैहर: पवित्र सावन माह के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले अंतर्गत कमासिन विकासखंड के सोहनौली न्याय पंचायत से शिवभक्तों का एक विशाल कांवड़ जत्था मां शारदा धाम, मैहर (मध्य प्रदेश) के लिए पैदल रवाना हुआ। यह भव्य कांवड़ यात्रा ग्राम पंचायत बिराव में एकत्रित होकर पूरी धार्मिक निष्ठा व आस्था के साथ शुरू हुई।

300 KM का कठिन सफर, कठोर तपस्या और सामाजिक समरसता
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300 किमी से अधिक नंगे पांव पदयात्रा: कांवड़िए बांदा से मैहर तक की लगभग 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी नंगे पांव पैदल चलकर तय करेंगे। मैहर पहुंचकर भक्त पवित्र गंगाजल से मां शारदा और भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे।
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सावन में कांवड़ यात्रा का महत्व: श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन के महीने में पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान शिव व माता शारदा को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवा वस्त्र धारण कर नंगे पांव सैकड़ों किलोमीटर की यह यात्रा आत्मशुद्धि, शारीरिक सहनशीलता और संयम का प्रतीक है।
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सात्विक जीवन व सेवा भाव: यात्रा के दौरान सभी कांवड़िए ब्रह्मचर्य और सात्विक जीवन शैली का पूर्ण पालन करते हैं। वहीं, मार्ग में विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा कांवड़ियों के लिए भोजन, विश्राम व चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जा रही है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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प्रारंभिक स्थान: ग्राम पंचायत बिराव (सोहनौली न्याय पंचायत, विकासखंड कमासिन, जिला बांदा, UP)।
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गंतव्य: मां शारदा मंदिर, मैहर (जिला मैहर, MP)।
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यात्रा दूरी: 300 किलोमीटर से अधिक (पूर्णतः नंगे पांव पैदल पदयात्रा)।
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उद्देश्य: पवित्र गंगाजल से मां शारदा और शिवलिंग का अभिषेक एवं लोक कल्याण की प्रार्थना।








