मऊगंज: रीवा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) हेमंत चौहान ने 27 और 28 जुलाई को नवगठित मऊगंज जिले का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, विवेचना की गुणवत्ता और पुलिसिंग व्यवस्था का सूक्ष्मता से आकलन किया तथा पुलिस को अधिक जन-केंद्रित और तकनीक-आधारित बनाने के निर्देश दिए।

प्रहार 2.0′ और साइबर क्राइम पोर्टल की समीक्षा
निरीक्षण एवं समीक्षा बैठकों से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- उपस्थिति: निरीक्षण के दौरान मऊगंज पुलिस अधीक्षक (SP) सुरेन्द्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, एसडीओपी साचि पाठक सहित जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
- लंबित मामलों का निस्तारण: डीआईजी ने एसपी कार्यालय की शाखाओं, जनशिकायतों के रजिस्टर और गंभीर अपराधों (महिला व बाल अपराध, एससी-एसटी एक्ट प्रकरण) की समीक्षा की। उन्होंने समन-वारंट की तामील बढ़ाने और विवेचना को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।
- नशे व साइबर अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’: ‘प्रहार 2.0’ अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई और स्कूलों-कॉलेजों में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। इसके अलावा NCRP, CEIR और CIAR पोर्टल्स के जरिए ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।
- थानों व कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण: डीआईजी ने मऊगंज कोतवाली, थाना लौर, एसडीओपी कार्यालय और जिला कंट्रोल रूम (डायल-112 व सीसीटीवी मॉनिटरिंग प्रणाली) का निरीक्षण कर मालखाना, हवालात व थाने के रिकॉर्ड्स जांचे।
- निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण: कलेक्टर संजय कुमार जैन के साथ डीआईजी ने निर्माणाधीन नए एसपी कार्यालय, कंट्रोल रूम और पुलिस आवासीय परिसर के निर्माण कार्य की गुणवत्ता व तय समय-सीमा की समीक्षा की।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- अधिकारी: डीआईजी हेमंत चौहान (रीवा रेंज)।
- स्थान: मऊगंज जिला (एसपी कार्यालय, कोतवाली, लौर थाना, कंट्रोल रूम)।
- उद्देश्य: वार्षिक निरीक्षण, साइबर व नशा विरोधी अभियानों की समीक्षा।
- निष्कर्ष: मऊगंज पुलिस के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए त्वरित जन-सुनवाई के निर्देश।






