मैहर: विंध्य अंचल के मैहर (Maihar) जिला मुख्यालय के बीचोंबीच स्थित शासकीय संदीपनी विद्यालय से प्रशासनिक लापरवाही और कलेक्ट्रेट विंग की उदासीनता का एक बेहद शर्मनाक विलेख सामने आया है। स्कूल में करीब 6 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण विद्युत विभाग ने कनेक्शन काट दिया है। इसके चलते पिछले दो सप्ताह (15 दिन) से मासूम छात्र-छात्राएं इस उमस भरी भीषण गर्मी में बिना पंखे के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बिजली गुल होने से स्कूल की वाटर सप्लाई ठप हो गई है, जिससे बच्चों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात इस कदर बदतर हैं कि कक्षाओं में गर्मी के कारण बच्चों को चक्कर आ रहे हैं और उनकी तबीयत बिगड़ रही है।

नियम-कायदों की खुली पोल; सामने स्थित जेल से पानी ढो रहे हैं मासूम
संदीपनी विद्यालय में जारी इस अव्यवस्था की मुख्य जमीनी कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
- किताबों से हवा करने को मजबूर: स्कूल की छात्राओं ने बताया कि पिछले 15 दिनों से 4 मंजिला (फोर स्टोरी) बिल्डिंग की कक्षाओं में पंखे पूरी तरह बंद हैं। भीषण उमस के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। धूप निकलने पर बच्चे किताबों (Books) से खुद को हवा करने को विवश हैं।
- सड़क पार कर जेल से ला रहे पानी: स्कूल में पानी न होने के कारण छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पार करते हैं और सामने स्थित जेल (Prison) परिसर से डिब्बों में पानी भरकर ला रहे हैं। दो दिनों से स्कूल में पानी का कोई टैंकर भी नहीं पहुंचा है।

बयानों में विरोधाभास: प्राचार्य बोले— ‘एजेंसी ने नहीं भरा बिल’, प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने पल्ला झाड़ा
इस पूरे विलेख पर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कड़ियाँ नीचे दी गई हैं:
- प्राचार्य दिनेश गोस्वामी की बाइट: विद्यालय के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी ने स्पष्ट विलेख जारी करते हुए बताया कि स्कूल की बिल्डिंग और बिजली कनेक्शन नया है। नियमों के मुताबिक बिजली का बिल जमा करने की विधिक जिम्मेदारी पीआईयू (PIU) और निर्माण एजेंसी की थी, लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं की। इसी लापरवाही के कारण बिजली काटी गई है और बच्चे बूंद-बूंद पानी व बिजली के लिए जेल से पानी ढोने को मजबूर हैं।
- प्रभारी मंत्री राधा सिंह का अजीबोगरीब दावा: जब इस संवेदनशील मामले में मैहर जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह (Cabinet Minister Radha Singh) से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिजली बिल के विलेख से ही पल्ला झाड़ लिया। मंत्री ने कहा, “अभी बारिश का मौसम है, तो कहीं खंभे गिर रहे हैं तो कहीं तार टूट रही है, ऐसी समस्या है। बिल के कारण बिजली नहीं काटी गई है।” हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में जैसे सुंदर बिल्डिंग बनी है, वैसे ही हर सुविधा बहाल कर दी जाएगी।
- छात्राओं का फूटा दर्द: स्कूल की छात्रा वैष्णवी तिवारी, अर्पिता कुशवाहा और छात्र प्रशांत तिवारी ने बताया कि 15 दिनों से बिजली न होने की मुख्य वजह 6 लाख का बिल जमा न होना ही है। प्राचार्य सर अपने स्तर पर टैंकर की कड़ियाँ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह नाकाफी है।
अव्यवस्था और संकट का तार्किक एवं सांख्यिकीय ढांचा
- प्रभावित संस्थान: शासकीय संदीपनी विद्यालय, मैहर शहर।
- बकाया विद्युत देयक : ₹6,00,000/- (छह लाख रुपये लगभग)।
- समस्या की अवधि: पिछले 15 दिनों (2 सप्ताह) से लगातार बत्ती गुल।
- वैकल्पिक जल स्रोत: स्कूल के सामने स्थित जेल परिसर से बच्चों द्वारा पानी लाना।
- प्रशासनिक मांग: कलेक्ट्रेट, नगर पालिका अध्यक्ष, एसडीएम (SDM) और शिक्षा विभाग (DEO) तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराएं।







