रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा में परिवहन विभाग के RTO कार्यालय परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कार्रवाई के लिए खड़ी एक पिकअप गाड़ी में उसके ही चालक ने आग लगा दी। बताया जा रहा है कि चालक शराब के नशे में धुत था। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। अचानक वाहन से आग की लपटें उठती देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने पिकअप को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित पिकअप वाहन को यातायात नियमों के उल्लंघन और ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में परिवहन विभाग द्वारा अग्रिम कार्रवाई के लिए RTO कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया था। इसके अलावा वाहन का मध्य प्रदेश का मोटरयान कर भी जमा नहीं किया गया था। इसी वजह से वाहन को विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक कार्यालय परिसर में रखा गया था।
शराब के नशे में चालक ने उठाया खतरनाक कदम
बताया जा रहा है कि देर रात चालक RTO कार्यालय परिसर पहुंचा और वहां खड़ी अपनी पिकअप में आग लगा दी। घटना के समय चालक शराब के नशे में था। हालांकि, उसने किस वजह से वाहन में आग लगाई, इसके पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चालक की इस हरकत से न केवल सरकारी कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए, बल्कि आसपास मौजूद अन्य वाहनों और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो इसकी चपेट में परिसर में खड़े अन्य वाहन भी आ सकते थे।
ड्रिंक एंड ड्राइव में पकड़ा गया था वाहन
जानकारी के मुताबिक, पिकअप को ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में पकड़े जाने के बाद परिवहन विभाग ने नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए RTO कार्यालय परिसर में खड़ा कराया था। सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे चालक के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ती है।
ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। संबंधित वाहन पर मोटरयान कर बकाया होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में वाहन को विभागीय कार्रवाई के लिए रोका गया था।
सरकारी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
RTO कार्यालय परिसर में खड़े वाहन में आग लगाए जाने की घटना ने कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब्त या कार्रवाई के लिए खड़े वाहनों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं? देर रात चालक परिसर में कैसे पहुंचा और उसे वाहन तक पहुंचकर आग लगाने का मौका कैसे मिला? इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी वजह
घटना के बाद वाहन में आग लगाए जाने के पीछे की परिस्थितियों, चालक की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि आग लगाने के लिए किसी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
फिलहाल इस घटना ने रीवा के RTO कार्यालय परिसर में देर रात हुई सुरक्षा चूक और यातायात नियमों के उल्लंघन के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। विभागीय कार्रवाई के लिए खड़े वाहन में चालक द्वारा आग लगाने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।











