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बाघ के हमले के बाद घायल ग्रामीण का अनोखा बयान, वन विभाग के अफसर भी रह गए हैरान

बाघ के हमले के बाद घायल ग्रामीण का अनोखा बयान, वन विभाग के अफसर भी रह गए हैरान

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The Khabrilal

Published On: Sep 14, 2026, 2:15 PM IST

Updated On: Sep 14, 2026, 6:53 PM IST

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उमरिया (मानपुर): बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे ग्रामीण अंचलों में इंसान और बाघ के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ और ग्रामीणों की जिजीविषा का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मानपुर बफर रेंज के निकट स्थित ग्राम सेमरी में रविवार सुबह एक बाघ ने 50 वर्षीय ग्रामीण पर हमला कर दिया। हालांकि, इस जानलेवा हमले में घायल होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती ग्रामीण का हौसला देखकर वन विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। जब रेंजर दलबल के साथ घायल का हाल जानने पहुंचे, तो उसने बेझिझक कहा— “अरे साहब, हमारे गांव में एक साथ दो टाइगर कैसे रहेंगे! मुझे जाने दो, मैं उसे भगाता हूं।”

तमाशबीनों की भीड़ देख असहज हुआ बाघ, कर दिया चार्ज

मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर बफर रेंज की सीमा से लगे सेमरा और सेमरी गांव के पास शनिवार शाम को जंगल से निकलकर एक बाघ खेत में आकर बैठ गया था।
  • बाघ की मौजूदगी: रात भर बाघ उसी इलाके में झाड़ियों के बीच डेरा जमाए रहा।
  • भीड़ का शोर-शराबा: रविवार सुबह खबर फैलते ही सैकड़ों तमाशबीनों की भीड़ बाघ को देखने जमा हो गई। भीड़ के शोर-शराबे और काफी नजदीक पहुंच जाने के कारण बाघ असहज हो गया और उसने अचानक चार्ज करते हुए सेमरीटोला निवासी शंकर पटेल (पिता जानकी प्रसाद पटेल, उम्र 50 वर्ष) पर हमला कर दिया।
  • हाथ और पेट में लगे नाखून: गनीमत यह रही कि आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत हो-हल्ला मचाया, जिससे बाघ युवक को छोड़कर वापस झाड़ियों में चला गया। वन विभाग की टीम ने तत्काल घायल शंकर पटेल को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
बाघ के हमले में घायल भर्ती

हाथियों के दल के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन, पूरा इलाका खाली कराया गया

घटना के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन हरकत में आ गया है। क्षेत्र संचालक (Field Director) डॉ. अनुपम सहाय और उपसंचालक योहान कटारा के नेतृत्व में एसडीओ और रेंजर मानपुर अंकित सोनी दलबल के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
  • कुमकी हाथियों से ट्रैकिंग: बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस करने और उसे वापस घने जंगल की ओर खदेड़ने के लिए दो हाथियों (कुमकी) की मदद ली जा रही है।
  • रेस्क्यू पर फैसला: क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि यदि बाघ सामान्य रूप से जंगल की ओर लौट जाता है, तो रेस्क्यू नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि टीम को बाघ के व्यवहार में अस्वाभाविकता या चोट के निशान मिलते हैं, तब ही उसे ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू करने का निर्णय लिया जाएगा।
  • भीड़ पर नियंत्रण: छुट्टी का दिन होने के कारण भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और वन अमले ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ग्रामीणों को घटनास्थल से दूर हटा दिया है।

घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
घटनास्थल ग्राम सेमरी/सेमरा (मानपुर बफर रेंज, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जिला उमरिया)
घायल ग्रामीण शंकर पटेल (पिता जानकी प्रसाद पटेल, उम्र 50 वर्ष, निवासी सेमरीटोला मानपुर)
घायल की स्थिति पीठ, हाथ और पेट में बाघ के नाखूनों के घाव; मानपुर अस्पताल में खतरे से बाहर
प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अनुपम सहाय (फील्ड डायरेक्टर), योहान कटारा (उपसंचालक), अंकित सोनी (रेंजर मानपुर)
वर्तमान स्थिति दो हाथियों की मदद से निगरानी, पुलिस व वन अमला तैनात

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर निगरानी जरूरी

बांधवगढ़ के बफर क्षेत्रों में बाघों की आवाजाही सामान्य बात है, लेकिन उत्सुकता में बाघ के करीब जाने की लापरवाही ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे जंगल से लगे खेतों में अकेले न जाएं और बाघ दिखने पर दूरी बनाकर तुरंत वन अमले को सूचित करें।
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