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उमरिया ITI में बदहाली की तस्वीर, करोड़ों के छात्रावास पर जड़ा ताला!

उमरिया ITI में बदहाली की तस्वीर, करोड़ों के छात्रावास पर जड़ा ताला!

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The Khabrilal

Published On: Sep 14, 2026, 1:33 PM IST

Updated On: Sep 14, 2026, 6:50 PM IST

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उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से सरकारी सिस्टम की घोर अनदेखी और बजट की बर्बादी की एक बेहद निराशाजनक तस्वीर सामने आई है। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) परिसर में दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए बालक एवं बालिका छात्रावास भवन आज बदहाली और बदइंतजामी के शिकार हैं। करोड़ों रुपये का बजट फूंकने और वर्षों पहले भवन तैयार हो जाने के बावजूद आज तक एक भी छात्र को इस आवासीय सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है। प्रशासनिक और विभागीय अनदेखी के कारण दोनों ही भवन अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।

उद्देश्य पर फिरा पानी, खिड़की-दरवाजे हुए क्षतिग्रस्त

तकनीकी शिक्षा हासिल करने के लिए जिले के वनांचल व सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब छात्र-छात्राओं को कैंपस में ही सुरक्षित और सस्ता आवास मिल सके, इसी सोच के साथ आईटीआई परिसर में विशाल बालक एवं बालिका छात्रावासों का निर्माण कराया गया था।
  • बदहाली का शिकार: वर्षों से बंद पड़े रहने और सुरक्षा गार्ड या रखरखाव न होने से भवनों की खिड़कियां, दरवाजे, वायरिंग और सेनेटरी ढांचा टूट-फूट का शिकार हो चुका है। परिसर में चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं।
  • छात्रों पर आर्थिक बोझ: छात्रावास की सुविधा न मिलने के कारण मजबूरी में दूरदराज के ग्रामीण छात्रों को शहर में भारी-भरकम किराए पर कमरे लेकर रहना पड़ रहा है। कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को भी मजबूर हो रहे हैं।

जिम्मेदारों के मौन पर उठे गंभीर सवाल

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुई सरकारी संपत्ति की इस दुर्दशा ने स्थानीय प्रशासन और कौशल विकास विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है:
  • जब भवनों का निर्माण पूरा हो चुका था, तो समय पर इन्हें छात्रों के आवंटन के लिए शुरू क्यों नहीं किया गया?
  • लाखों-करोड़ों की सरकारी राशि खर्च होने के बाद इसकी नियमित देखरेख और सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

मामले का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
स्थान शासकीय आईटीआई कॉलेज परिसर (जिला उमरिया)
प्रोजेक्ट करोड़ों रुपये की लागत निर्मित बालक एवं बालिका छात्रावास
मुख्य समस्या निर्माण के बाद भी शुरू न होना, देखरेख के अभाव में भवनों का खंडहर बनना
प्रभावित वर्ग ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले आईटीआई प्रशिक्षार्थी
जनता की मांग भवनों की मरम्मत कर तत्काल छात्रावास चालू करने एवं दोषियों पर कार्रवाई

तत्काल सुधार और जांच की दरकार

उमरिया जिले के छात्र संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, जर्जर हो रहे छात्रावास भवनों की अविलंब मरम्मत करवाकर इन्हें दूरदराज के पात्र छात्र-छात्राओं के लिए खोला जाए, ताकि सरकारी पैसे का सही उपयोग हो सके और युवाओं को राहत मिले।
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