सतना/चित्रकूट: विंध्य अंचल के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में बीते 14 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश के चलते सतना शहर की निचली बस्तियों से लेकर नागौद, बिरसिंहपुर और ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। उधर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के अचानक रौद्र रूप धारण करने से रामघाट जलमग्न हो गया है और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

जलभराव, रेलवे परिचालन और उफनती मंदाकिनी
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रेल यातायात हुआ प्रभावित: सतना में शनिवार सुबह 7 बजे के करीब पानी रेलवे ट्रैक के ऊपर से बहने लगा, जिसके बाद एहतियातन ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। हालांकि, 11 बजे के बाद स्थिति में सुधार होने पर ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जाने लगा।
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चित्रकूट में मंदाकिनी का उफान: मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण रामघाट पूरी तरह जलमग्न हो गया। कई दुकानें डूब गईं और दुकानों का सामान पानी में बह गया। स्थिति यह रही कि रामघाट क्षेत्र की सड़कों पर नाव चलने लगी और इमारतें एक मंजिल तक पानी में समा गईं।

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नागौद थाना बना तालाब: नागौद में बारिश का पानी थाना भवन के अंदर तक प्रवेश कर गया। क्षेत्र में 8 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की समस्याएं बढ़ गईं। नागौद का खजलिया तालाब भी ओवरफ्लो हो गया है।
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शहर की बस्तियां जलमग्न: सतना शहर के बरदाडीह, पन्ना नाका, उमरी और खूंथी बस्ती में लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया। कलेक्ट्रेट मार्ग पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बंद रहा।
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यूपी-एमपी सीमा पर संपर्क प्रभावित: उफनती नदियों और नाले-रपटों के डूबने से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सतना शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के वर्तमान हालात
| प्रभावित क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | मुख्य समस्या |
| चित्रकूट (रामघाट) | मंदाकिनी नदी में उफान | दुकानें डूबीं, रास्तों पर चलने लगीं नावें |
| सतना शहर (बरदाडीह, खूंथी) | 3 से 4 फीट तक जलभराव | घरों में पानी घुसा, कलेक्ट्रेट रोड बंद |
| नागौद | थाना परिसर जलमग्न | खजलिया तालाब ओवरफ्लो, 8 घंटे बिजली ठप |
| बिरसिंहपुर व उजरौधा | वार्ड 2, 3 व 8 प्रभावित | सड़कें डूबीं, ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूटा |

प्रशासनिक मुस्तैदी
प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों और उफनते नदी-नालों के पास सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले स्थानों और उफनती नदियों के पास जाने से बचें।











