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जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट शुरू, MP बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट शुरू, MP बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

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जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट के शुभारंभ पर राजनाथ सिंह और मोहन यादव
— जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट के शुभारंभ के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री मोहन यादव।

The Khabrilal

Published On: Aug 27, 2026, 7:47 PM IST

Updated On: Aug 28, 2026, 2:48 AM IST

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जबलपुर। जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परियोजना का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही शिलापट्ट का अनावरण भी किया गया। यह कार्यक्रम आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में हुआ।

परियोजना की लागत करीब 475 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके जरिए भारतीय सेना के टी-सीरीज टैंकों के ओवरहॉल का काम होगा। सरकार का कहना है कि इससे सेना की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बनेंगे।

जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट के शुभारंभ पर मोहन यादव और राजनाथ सिंह
जबलपुर में टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन करते मुख्यमंत्री मोहन यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।

जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट का हुआ शुभारंभ

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर की रक्षा क्षेत्र में खास पहचान है। यहां लंबे समय से सेना से जुड़े उपकरण तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश की अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम हो रहा है। साथ ही, नई परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव हो रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है।

जबलपुर बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

वहीं, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट भारतीय सेना के लिए अहम है। युद्ध में टैंक की भूमिका आज भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि युद्ध की तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में सेना को नई तकनीक से लगातार अपडेट करना जरूरी है। ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। इसके बावजूद ग्राउंड ऑपरेशन में टैंक की भूमिका बनी हुई है।

इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने कहा कि जबलपुर आगे चलकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही, छोटे उद्योगों को भी नए अवसर मिलेंगे।

टैंकों की ओवरहॉल क्षमता बढ़ेगी

राजनाथ सिंह ने बताया कि इस परियोजना से देश की टैंक ओवरहॉल क्षमता बढ़ेगी। इसके बाद कुल क्षमता करीब 230 टैंक प्रतिवर्ष हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि सेना के पुराने टैंकों को आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जा रहा है। इससे उनकी उपयोगिता और क्षमता बनी रहेगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। देश में ही हथियार और सैन्य उपकरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में बढ़ेगा रक्षा क्षेत्र का निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाने पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के साथ उद्योगों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में नई फैक्ट्रियां और निवेश आ रहे हैं।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा देने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने रक्षा उत्पादन में बड़ी प्रगति की है। वर्ष 2014 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वहीं, रक्षा निर्यात भी बढ़ा है। वर्ष 2014 में रक्षा निर्यात करीब 1,000 करोड़ रुपये था। अब यह करीब 39 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

जबलपुर टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही छोटे कारोबार और सप्लाई से जुड़े उद्योगों को भी काम मिल सकता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही तकनीक और अवसर देने की है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन सकता है। इस दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका भी अहम होगी।

जबलपुर में शुरू हुआ टी-सीरीज टैंक प्रोजेक्ट रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जबलपुर और मध्यप्रदेश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

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