मैहर जिले के अमझर में शासकीय उचित मूल्य दुकान पर खाद्य विभाग की जांच में अनियमितता सामने आई। विक्रेता और सहायक विक्रेता के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
अमझर राशन दुकान में अनियमितता का मामला सामने आया है। मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम अमझर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में आरोप है कि हितग्राहियों से फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें मार्च से जून 2026 तक चार माह का राशन नहीं दिया गया। खाद्य विभाग की जांच के बाद पुलिस ने दुकान के विक्रेता और सहायक विक्रेता के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दुकान का संचालन बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति रामगढ़ द्वारा किया जाता है। शासकीय उचित मूल्य दुकान का कोड क्रमांक 1207036 बताया गया है। मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमरपाटन प्रियंका अग्रवाल की शिकायत पर थाना ताला पुलिस ने कार्रवाई की है।

अमझर राशन दुकान की जांच में सामने आई अनियमितता
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने 5 जुलाई 2026 को अमझर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी मौजूद थे।
जांच के बाद तैयार रिपोर्ट और एसडीएम कार्यालय अमरपाटन के पत्र के आधार पर पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में दुकान के विक्रेता अवधेश चतुर्वेदी और सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी, दोनों निवासी बिछिया खुर्द, थाना ताला, जिला मैहर के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
फिंगर लगवाने के बाद भी नहीं दिया चार माह का राशन
शिकायत के अनुसार, कुछ हितग्राहियों से राशन वितरण के लिए ई-पॉस मशीन पर फिंगर लगवाई गई, लेकिन इसके बाद भी उन्हें मार्च से जून तक का खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया। इस तरह हितग्राहियों को राशन मिलने की प्रक्रिया पूरी दिखाए जाने के बावजूद वास्तविक वितरण को लेकर सवाल उठे हैं।
मामले की जांच में खाद्यान्न के स्टॉक और दुकान के रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया गया। पुलिस अब संबंधित दस्तावेजों और वितरण रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
राशन दुकान में 14.88 लाख रुपये की सामग्री का उल्लेख
जांच से जुड़े दस्तावेजों में दुकान से संबंधित खाद्य सामग्री का भी उल्लेख किया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार 379.48 किलोग्राम गेहूं, 98.65 किलोग्राम चावल, 0.98 किलोग्राम शक्कर और 22.08 किलोग्राम नमक दर्ज है।
दस्तावेज में संबंधित सामग्री और संपत्ति का कुल मूल्य 14 लाख 88 हजार 103 रुपये दर्शाया गया है। इस स्टॉक से संबंधित रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
विक्रेता और सहायक विक्रेता पर इन धाराओं में FIR
पुलिस ने मामले में प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया है। जांच के दौरान राशन वितरण के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, ई-पॉस मशीन से संबंधित जानकारी और हितग्राहियों के बयान सहित अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग द्वारा जिले की राशन दुकानों में लगातार जांच की जा रही है। मैहर में राशन दुकानों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई से जुड़ी खबर भी पढ़ें।
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