मैहर। मैहर जिले के रामनगर में नवजात को घर पहुंचाने के लिए माता-पिता को नाव का सहारा लेना पड़ा। बारिश के कारण रास्ते में जलभराव था। इसलिए परिवार को दो दिन के बच्चे के साथ नाव से पानी पार करना पड़ा।
नवजात को नाव से घर ले जाने की मजबूरी
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत रामनगर के वार्ड क्रमांक-4 निवासी मंजूषा पटेल ने 23 अगस्त की रात रामनगर अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात को घर ले जाने की तैयारी हुई।
हालांकि, रास्ते में पानी भरा था। ऐसे में परिवार के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई। इसके बाद माता-पिता ने नाव का सहारा लिया।
माता-पिता अपने अबोध बच्चे को लेकर नाव में सवार हुए। फिर जलभराव वाले रास्ते को पार किया। इस दौरान नवजात को गोद में लेकर नाव से जाते माता-पिता का दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

बारिश ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के दौरान क्षेत्र में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। इसके कारण कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होता है।
वहीं, अस्पताल से लौट रहे परिवार के लिए स्थिति और कठिन थी। एक ओर बच्चे के जन्म की खुशी थी। दूसरी ओर उसे सुरक्षित घर पहुंचाने की चिंता भी थी।
सुरक्षित आवागमन की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी होती है। खासकर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही, जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान की मांग भी की गई है।
सामने आई क्षेत्र की जमीनी हकीकत
नवजात को नाव के सहारे घर ले जाने की घटना ने क्षेत्र की स्थिति को सामने ला दिया है। बारिश के मौसम में सुरक्षित आवागमन की जरूरत और बढ़ जाती है।
फिलहाल, ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जलभराव की समस्या पर ध्यान देगा। साथ ही, प्रभावित रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









