सतना: सतना जिला अस्पताल की मर्चुरी (शवगृह) से कानूनी और चिकित्सीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मर्चुरी में दो स्कूली छात्राओं की मौजूदगी में एक क्षत-विक्षत शव (कंकाल) का पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) किया गया। दोनों नाबालिग छात्राएं स्कूल यूनिफॉर्म में करीब पौने दो घंटे (दोपहर 1:45 बजे से 3:35 बजे तक) परीक्षण कक्ष के भीतर मौजूद रहीं। फॉरेंसिक और मेडिकल एथिक्स के नियमों के तहत पोस्टमार्टम रूम एक अत्यंत गोपनीय एवं प्रतिबंधित क्षेत्र होता है, जहां स्कूली बच्चों का प्रवेश पूरी तरह गैर-कानूनी है।

नियम,मानसिक स्वास्थ्य और संक्रमण का जोखिम
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मेडिको-लीगल नियमों का उल्लंघन: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और फॉरेंसिक मेडिकल मैनुअल के अनुसार, पोस्टमार्टम रूम में केवल अधिकृत चिकित्साकर्मी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और जांच अधिकारी ही प्रवेश कर सकते हैं। बाहरी व्यक्तियों या स्कूली छात्रों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।
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मानसिक आघात (Post-Traumatic Stress): विशेषज्ञों के अनुसार, क्षत-विक्षत शव या पोस्टमार्टम प्रक्रिया देखने से संवेदनशील मन वाले बच्चों में एंग्जायटी, डरावने सपने और पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) जैसी गंभीर मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।
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संक्रमण का खतरा: मर्चुरी में खतरनाक बैक्टीरिया, वायरस और केमिकल गंध होती है, जिससे बच्चों में गंभीर जैविक संक्रमण (Infection) का खतरा रहता है।
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शव परीक्षण विवरण: मर्चुरी में पन्ना जिले के धरमपुर थाना अंतर्गत नरदहा निवासी दुर्गेश (पिता: बेटू सिंह) के शव/कंकाल का परीक्षण किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रूम में मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रतीक शुक्ला व अन्य स्टाफ मौजूद थे।
प्रशासनिक व जिम्मेदार अधिकारियों के बयान
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प्राचार्य (MLB स्कूल, शीला सिंह): “शुक्रवार को परीक्षा के कारण हाफ-डे था। स्कूल प्रबंधन ने किसी भी छात्रा को मर्चुरी जाने की अनुमति नहीं दी थी। यदि छात्राएं बिना अनुमति गई हैं, तो जांच कर उनके अभिभावकों को सूचित किया जाएगा।”
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डीन (मेडिकल कॉलेज सतना, डॉ. एस. पी. गर्ग): “स्कूली बच्चों को पोस्टमार्टम दिखाने या प्रशिक्षण देने का कोई नियम नहीं है। केवल एमबीबीएस छात्रों को नियमानुसार अनुमति मिलती है। यदि स्कूली बच्चे वहां मौजूद थे, तो इसकी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।”
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सीएमएचओ (डॉ. मनोज शुक्ला) व पुलिस वैज्ञानिक अधिकारी: दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मर्चुरी एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और ड्यूटी स्टाफ के अलावा बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश सर्वथा अनुचित व नियमों के विरुद्ध है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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स्थान: जिला अस्पताल मर्चुरी, सतना (मध्य प्रदेश)।
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घटना: स्कूली यूनिफॉर्म में 2 नाबालिग छात्राओं का पोस्टमार्टम रूम के अंदर 1:45 घंटे तक रहना।
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विभागीय स्थिति: एमएलबी स्कूल प्रबंधन, जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी।

