चित्रकूट/सतना: धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की पावन मंदाकिनी नदी की बदहाली और कर्वी नगर में की जा रही पेयजल आपूर्ति की शुद्धता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए बने पाठा पेयजल योजना के इंटेकवेल से महज 50 मीटर दूर कई दिनों से एक मृत कुत्ता सड़ता हुआ पाया गया। इसके अतिरिक्त नदी में सीधे गिर रहे सीवर के गंदे पानी के विरोध में समाजसेवियों ने मंदाकिनी के जल में उतरकर आमरण अनशन और जल सत्याग्रह शुरू कर दिया।

क्षतिग्रस्त सीवर टैंक का गंदा पानी सीधे नदी में
घटनाक्रम और आंदोलन से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
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दूषित जलापूर्ति के गंभीर आरोप: जल सत्याग्रही अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि राजाघाट के पास क्षतिग्रस्त सीवर टैंक का गंदा पानी सीधे मंदाकिनी नदी में बह रहा है। यही दूषित पानी आगे बढ़कर जलापूर्ति वाले इंटेकवेल तक पहुंचता है, जिससे हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
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जल सत्याग्रह व आमरण अनशन: नदी की दुर्दशा और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ अभिमन्यु सिंह, डॉ. एसपी त्रिपाठी, रवि पटेल, हीरा सिंह और डॉ. भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार से मंदाकिनी नदी के जल में खड़े होकर अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह और अनशन शुरू किया।
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सत्याग्रहियों की मुख्य मांगें:
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इंटेकवेल के आसपास चौबीसों घंटे विशेष निगरानी और सफाई व्यवस्था।
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नदी में गिर रहे सीवर के नालों और लीकेज को तुरंत बंद करना।
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सप्लाई किए जा रहे पेयजल की अधिकृत सरकारी प्रयोगशाला से निष्पक्ष जांच।
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प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हुआ सत्याग्रह
सत्याग्रह के दूसरे दिन शनिवार शाम एसडीएम सदर अजय कुमार, सीओ सिटी सत्येंद्र सिंह और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक वार्ता की और सीवर लाइन की मरम्मत कराने तथा पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए समयबद्ध कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद शनिवार शाम करीब 4 बजे सत्याग्रह समाप्त हुआ।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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स्थान: राजाघाट व इंटेकवेल क्षेत्र (मंदाकिनी नदी), चित्रकूट/सतना।
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समस्या: इंटेकवेल के समीप गंदगी/मृत मवेशी, सीधे सीवर का पानी नदी में समाहित होना।
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प्रमुख आंदोलनकारी: अभिमन्यु सिंह व साथी (जल सत्याग्रह मंच)।
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प्रशासनिक रुख: एसडीएम के समयबद्ध कार्रवाई के आश्वासन पर अनशन स्थगित।

