मऊगंज : मऊगंज जिले के सुप्रसिद्ध और अंचल की अगाध आस्था के केंद्र ऐतिहासिक शिवधाम देवतालाब मंदिर के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया है। विधिक संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे अंचल में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। रीवा जोन के आला अधिकारियों के निर्देश पर मंदिर परिसर और आसपास के रिहायशी इलाकों में क्यूआरएफ (Quick Reaction Force – त्वरित प्रतिक्रिया बल), विशेष सशस्त्र पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है।

प्राचीन मंदिर से महज 50 कदम दूर शिवकुंड के पास मिली संदिग्ध सामग्री
घटनाक्रम की विधिक व जमीनी हकीकत के अनुसार, अंचल में सुरक्षा घेरा इस प्रकार मजबूत किया गया है:
- दीवार के पास हड़कंप: जानकारी के मुताबिक, देवतालाब स्थित प्राचीन शिव मंदिर से करीब 50 कदम की दूरी पर बने प्रसिद्ध शिवकुंड के पास एक मकान की पिछली दीवार के समीप स्थानीय नागरिकों को कुछ अत्यंत संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं।
- इलाका सील: ग्रामीणों ने इसकी विधिक सूचना तुरंत स्थानीय लौर थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी (Cordoned Off) कर दी और संदिग्ध सामग्री को सुरक्षित रूप से अपने विधिक कब्जे में ले लिया।

आईजी गौरव राजपूत और एसपी के निर्देशन में महा-सर्च ऑपरेशन; फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों ने खुद कमान संभाल ली है:
- चप्पे-चप्पे की तलाशी: रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के विधिक निर्देशन और मऊगंज पुलिस अधीक्षक (SP) सुरेंद्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में लौर थाना प्रभारी राजेश कुमार पटेल के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस QRF जवानों ने मंदिर के गर्भगृह, परिसर और आसपास की सघन तलाशी ली।
- साक्ष्यों का विधिक एकत्रीकरण: पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से संभावित विधिक साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, सामग्री की वास्तविक क्षमता और विधिक रासायनिक संरचना की पुष्टि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
लौर थाना से मंदिर तक निकाला गया फ्लैग मार्च; पुलिस ने की शांति और धैर्य रखने की अपील
प्रशासनिक सतर्कता और थाना प्रभारी का विधिक बयान —
“सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद स्थानीय शांति व्यवस्था और कानून का राज सुनिश्चित करने के लिए लौर थाना पुलिस और QRF के जवानों ने संयुक्त रूप से लौर मुख्यालय से लेकर देवतालाब शिव मंदिर तक एक भव्य फ्लैग मार्च (Flag March) निकाला. इस दौरान अंचल के व्यापारियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का विधिक भरोसा दिलाया गया.
मामले की विधिक गंभीरता को रेखांकित करते हुए लौर थाना प्रभारी राजेश कुमार पटेल ने बताया कि इतने महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के पास संदिग्ध सामग्री का मिलना एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसकी हर विधिक कोण (CCTV फुटेज, लोकल इनपुट) से जांच की जा रही है. उन्होंने अंचलवासियों से पुरजोर विधिक व आत्मीय अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें. यदि क्षेत्र में कोई भी अज्ञात संदिग्ध वस्तु या अप्रत्याशित व्यक्ति दिखाई दे, तो बिना किसी भय के तत्काल इसकी विधिक सूचना नजदीकी पुलिस थाने या डायल-100 पर दें.”






