इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बढ़ते डिजिटल व साइबर अपराधों पर विधिक लगाम लगाने और आम जनता को जागरूक करने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल की है. पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “सेफ क्लिक 2.0” महा-अभियान के अंतर्गत एक भव्य साइक्लोथॉन (साइकिल रैली) का आयोजन किया गया. इस विधिक व सामाजिक आयोजन में इंदौर के बच्चों, देश के भविष्य युवाओं, सजग महिलाओं और करीब 70 वर्ष के ऊर्जावान वरिष्ठ नागरिकों सहित हजारों की संख्या में शहरवासियों ने पैडल मारकर सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग और सोशल मीडिया सुरक्षा का विधिक संदेश दिया.

पलासिया ‘आई लव इंदौर’ पॉइंट से शुरू हुआ सफर, जुम्बा डांस से हुआ वॉर्म-अप
पुलिस प्रशासन की इस अनूठी खेल-जागरूकता पहल के मुख्य आकर्षण और विधिक मार्ग इस प्रकार रहे:
- जुम्बा से शुरुआत: रविवार की सुबह साइक्लोथॉन की शुरुआत से पहले पलासिया पर सभी प्रतिभागियों ने एक जोशीले जुम्बा (Zumba) सेशन में हिस्सा लेकर खुद को शारीरिक रूप से वॉर्म-अप किया.
- हरी झंडी दिखाकर रवानगी: पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के कुशल विधिक निर्देशन में आयोजित इस साइक्लोथॉन को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अडिशनल सीपी) आर.के. सिंह ने पलासिया स्थित ‘आई लव इंदौर’ सेल्फी प्वाइंट से हरी झंडी दिखाकर विधिक रूप से रवाना किया. यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों— घंटाघर, हाईकोर्ट चौराहा, रीगल चौराहा और ऐतिहासिक राजवाड़ा होते हुए पुनः पलासिया पहुंचकर विधिक रूप से संपन्न हुई.
‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘ओटीपी फ्रॉड’ से बचें; साइबर अवेयरनेस पर अधिकारियों ने दी विधिक समझाइश
रैली के दौरान और समापन मंच से इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के विधिक मकड़जाल से बचने के कड़े और महत्वपूर्ण गुर सिखाए:
- हर नागरिक का जागरूक होना विधिक आवश्यकता: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक युग में साइबर अपराधी रोजाना ठगी के नए-नए तकनीकी पैंतरे अपना रहे हैं. ऐसे में केवल पुलिसिंग नहीं, बल्कि हर नागरिक का विधिक रूप से जागरूक होना सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है.
- इन फ्रॉड से रहें बेहद सतर्क: पुलिस टीम ने नागरिकों से विशेष रूप से अज्ञात और फर्जी लिंक्स पर क्लिक न करने, किसी भी सूरत में ओटीपी (OTP) शेयर न करने, हालिया समय में बढ़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ के फर्जी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग और लोन ऐप जैसी धोखाधड़ी से विधिक रूप से सतर्क रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की पुरजोर अपील की.
विजेताओं को मिले प्रशस्ति पत्र; डीसीपी राजेश त्रिपाठी व अभिषेक रंजन सहित आला अफसर रहे मुस्तैद
रोचक क्विज प्रतियोगिता और ‘सोचें-समझें-क्लिक करें’ का विधिक नारा —
“इस भव्य साइक्लोथॉन के समापन पर पलासिया में साइबर सुरक्षा और आईटी एक्ट से जुड़े विषयों पर एक बेहद रोचक विधिक क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें सही और सटीक विधिक उत्तर देने वाले जागरूक प्रतिभागियों को मंच से फूल और विशेष प्रशस्ति पत्र देकर विधिक रूप से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश त्रिपाठी, डीसीपी जोन-3 अभिषेक रंजन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) मीना चौहान सहित अपराध शाखा और इंदौर कमिश्नरेट के कई वरिष्ठ विधिक अधिकारी मौजूद रहे. इस सफल आयोजन के अंत में इंदौर पुलिस ने मालवा अंचल के सभी नागरिकों से “सोचें-समझें-क्लिक करें” और “सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन” के मूल विधिक मंत्र को अपने दैनिक डिजिटल व्यवहार में अपनाने की आत्मीय अपील की ताकि किसी की भी मेहनत की कमाई साइबर ठगों के विधिक जाल में न फंस सके.”







