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नीट परीक्षा को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा आदेश: ट्रैफिक या साधन न मिलने पर पुलिस-अधिकारी अपनी गाड़ी से परीक्षार्थियों को छोड़ें केंद्र; इस बार मिलेगा 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम

नीट परीक्षा को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा आदेश: ट्रैफिक या साधन न मिलने पर पुलिस-अधिकारी अपनी गाड़ी से परीक्षार्थियों को छोड़ें केंद्र; इस बार मिलेगा 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम

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The Khabrilal

Published On: Jun 16, 2026, 8:31 PM IST

Updated On: Jun 16, 2026, 8:31 PM IST

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भोपाल: मध्य प्रदेश में आगामी 21 जून 2026 को होने जा रही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (अंडर ग्रेजुएट)-2026 को पूरी पारदर्शिता और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद कमान संभाल ली है। मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम डॉ. यादव ने सूबे के सभी कलेक्टर्स, एसपी और पुलिस कमिश्नरों को बेहद संवेदनशील और कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि परीक्षा के दिन यदि किसी भी छात्र को केंद्र तक पहुंचने में साधन की कमी या ट्रैफिक की दिक्कत आती है, तो प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अपने शासकीय या निजी वाहनों से छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना सुनिश्चित करे

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परीक्षा केंद्रों पर 19 जून को ही लग जाएंगे जैमर और CCTV

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासनों को समय से पहले तैयारियां चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं:

  • 20 जून को होगा ट्रायल रन: सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से लगाए जाने वाले बायोमेट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर हर हाल में 19 जून तक इंस्टॉल हो जाने चाहिए, ताकि 20 जून को इनका फाइनल ‘ट्रायल रन’ किया जा सके।
  • मिलेगा अतिरिक्त समय: इस बार नीट परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 15 मिनट (कुल 195 मिनट) की होगी। सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।
  • वीआईपी मूवमेंट और योग दिवस की चुनौती: 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बड़े आयोजन हैं और उसी दिन जबलपुर में महामहिम राष्ट्रपति का प्रवास भी प्रस्तावित है। इसके चलते जबलपुर (24 केंद्र) सहित सभी शहरों में विशेष ट्रैफिक प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थी बिना किसी बाधा के समय से पहले सेंटर पहुंच सकें।

सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त: एयरपोर्ट से सीधे अधिसूचित बैंकों के लॉकर में पहुंचे प्रश्नपत्र

अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क) अनुपम राजन ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा वायुसेना (Air Force) के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बालाघाट जैसे सुदूर जिले में हेलिकॉप्टर से प्रश्नपत्र पहुंचाए जा रहे हैं, जिन्हें फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच तय किए गए दो अधिसूचित बैंकों के सेफ लॉकर में रखा गया है।

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टू-लेयर सिक्योरिटी और महिला पुलिस की तैनाती:

  1. आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चक्र: परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। बाहरी सुरक्षा घेरा राज्य पुलिस और होमगार्ड का होगा, जबकि आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी एनटीए द्वारा नियुक्त विशेष सुरक्षा एजेंसी के पास रहेगी।
  2. विशेष फ्रिस्किंग व्यवस्था: महिला परीक्षार्थियों की जांच (फ्रिस्किंग) के लिए केंद्रों पर अलग से कवर्ड केबिन होंगे, जहां पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। हर 3-4 केंद्रों पर एक नोडल अधिकारी और हर केंद्र पर न्यूनतम एएसआई (ASI) स्तर का पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहेगा।

गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर ओआरएस, ग्लूकोज और डॉक्टरों की टीम रहेगी तैनात

परीक्षार्थियों और अभिभावकों के लिए विशेष सुविधाएं —

“जून की भीषण गर्मी को देखते हुए शासन ने परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी केंद्रों पर बिजली गुल होने की स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा, छात्रों के लिए ठंडे व स्वच्छ पेयजल, ओआरएस (ORS) के घोल और ग्लूकोज की व्यवस्था रहेगी। किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष में डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की एक क्विक रिस्पांस टीम (Medical Team) तैनात रहेगी। दूर-दराज से आने वाले अभिभावकों के बैठने के लिए केंद्रों के बाहर बड़े टेंट (शामियाना) और मोबाइल टॉयलेट भी स्थापित किए जाएंगे।”

एमपी के इन 30 जिलों में दोपहर 2 बजे से सजेगा परीक्षा का मंच

नीट-2026 की परीक्षा पेन और पेपर (ऑफलाइन) मोड पर 21 जून (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। मध्य प्रदेश के जिन 30 जिलों के 283 केंद्रों पर यह परीक्षा होनी है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • सर्वाधिक केंद्रों वाले टॉप जिले: इंदौर (57 केंद्र), भोपाल (32 केंद्र), ग्वालियर (24 केंद्र), जबलपुर (24 केंद्र), रीवा (12 केंद्र), बड़वानी (11 केंद्र), खरगोन (09 केंद्र), रतलाम (09 केंद्र) और उज्जैन (08 केंद्र)।
  • अन्य परीक्षा वाले जिले: सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम और सतना।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस परीक्षा के लिए तैयार की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का कड़ाई से पालन किया जाए और भविष्य में प्रदेश की सभी बड़ी परीक्षाओं में इसी पारदर्शी व्यवस्था को लागू किया जाए।

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