Sign In
/
/
कलेक्टरों पर CM मोहन यादव की ‘तीसरी आंख’: बोले- ‘वीसी में सब देख रहा हूं, कौन बोलता है और कौन चुप रहता है…’; जुलाई में होगी महा-कॉन्फ्रेंस, नपेंगे लापरवाह अफसर

कलेक्टरों पर CM मोहन यादव की ‘तीसरी आंख’: बोले- ‘वीसी में सब देख रहा हूं, कौन बोलता है और कौन चुप रहता है…’; जुलाई में होगी महा-कॉन्फ्रेंस, नपेंगे लापरवाह अफसर

[inb_subtitle]

विज्ञापन

The Khabrilal

Published On: Jun 13, 2026, 7:55 PM IST

Updated On: Jun 13, 2026, 7:55 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक तीखे और सख्त बयान से हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में जिला कप्तानों (कलेक्टर और एसपी) को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए होने वाली हर बैठक में अधिकारियों की सक्रियता पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। वे लगातार यह ऑब्जर्व कर रहे हैं कि कौन से कलेक्टर जनहित के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं और कौन सिर्फ ‘मूकदर्शक’ बनकर चुपचाप बैठे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने एलान किया है कि आगामी जुलाई 2026 में भोपाल में एक बड़ी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस बुलाई जाएगी, जिसमें जिलों की परफॉर्मेंस के आधार पर अधिकारियों की रैंकिंग और उनके काम की कड़क समीक्षा होगी।

UCC की बैठक में मुख्यमंत्री ने दिखाए कड़े तेवर

शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित समिति की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का यह आक्रामक अंदाज देखने को मिला:

  • 36 जिलों में बैठकें पूरी: मुख्य सचिव अनुराग जैन की मौजूदगी में हुई इस बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों में से 36 जिलों में यूसीसी (UCC) को लेकर स्थानीय स्तर की बैठकें पूरी की जा चुकी हैं।
  • 12 सवालों का ऑनलाइन लिंक: सरकार ने इस संबंध में जनता और सरकारी कर्मचारियों से सुझाव मांगने के लिए 12 सवालों का एक ऑनलाइन लिंक जारी किया है, जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तय होगी।

जुलाई में होने वाली कॉन्फ्रेंस में इन मानकों पर परखे जाएंगे अफसर

भोपाल में होने वाली आगामी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है, क्योंकि इसमें मुख्य रूप से इन 4 एजेंडों पर जिलों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा:

  1. जिलों की परफॉर्मेंस रैंकिंग: योजनाओं के क्रियान्वयन और जन-शिकायतों (सीएम हेल्पलाइन) के निराकरण के आधार पर जिलों को बकायदा रैंकिंग दी जाएगी।
  2. सक्रियता का आकलन: जो अफसर बैठकों में केवल ‘यस सर’ कहते हैं और फील्ड की जमीनी हकीकत या सुझाव साझा नहीं करते, उनके खिलाफ प्रशासनिक रुख कड़ा हो सकता है।
  3. मानसून की तैयारियां: मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को मानसून के मद्देनजर नगरीय क्षेत्रों में नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि जलभराव न हो।
  4. NEET परीक्षा पर पैनी नजर: आगामी 21 जून को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम ने पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ इसे संपन्न कराने की जिम्मेदारी कप्तानों को सौंपी है।

पुराने निर्देशों का भी खुलेगा लेखा-जोखा: मुख्य सचिव कर रहे मॉनिटरिंग

प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश —

“यह कोई पहली बैठक नहीं है, इसके पहले 7 और 8 अक्टूबर 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में ऐसी ही एक बड़ी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। उस दौरान जो कड़े निर्देश दिए गए थे, उनकी प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा हर महीने जांची जा रही है। जुलाई की बैठक में पिछले वादों और जमीनी हकीकत का मिलान किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री की इस दो टूक टिप्पणी के बाद अब जिला स्तर पर तैनात कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SP) में अपनी सक्रियता और फील्ड विज़िट दिखाने की होड़ मचना तय है। साफ है कि जो अधिकारी जनहित के मुद्दों पर सुस्त पाए जाएंगे या बैठकों में संवादहीनता का शिकार होंगे, जुलाई की कॉन्फ्रेंस के बाद उनका मैदानी पोस्टिंग से हटना लगभग तय माना जा रहा है।

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू