रीवा (समान): जिले में अवैध नशा और शराब कारोबारियों की कमर तोड़ने के लिए रीवा पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में समान थाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अवैध शराब की बड़ी खेप के साथ दो शातिर पैकारों (सप्लायरों) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लंबे समय से शहर के अलग-अलग पॉश और रिहायशी इलाकों में घूम-घूमकर शराब की अवैध सप्लाई यानी ‘होम डिलीवरी’ का काला धंधा कर रहे थे।

गुढ़ के रास्ते रीवा में घुस रही थी खेप, पुलिस ने घेरा
- मुखबिर का इनपुट: समान थाना पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि गुढ़ क्षेत्र की तरफ से मोटर साइकिल के जरिए अवैध देसी-विदेशी शराब की एक बड़ी खेप रीवा शहर के भीतर खपाने के लिए लाई जा रही है।
- नाकेबंदी में फंसे आरोपी: सूचना मिलते ही समान थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया और संभावित रास्तों व तिराहों पर औचक चेकिंग और घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान गुढ़ की तरफ से आ रहे दो संदिग्धों को रोककर जब उनके पास मौजूद बोरियों और बैग की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।
लंबे समय से एक्टिव थे आरोपी, आबकारी एक्ट में केस दर्ज
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया है कि वे काफी समय से रीवा शहर के भीतर अवैध शराब की पैकारी (अवैध बिक्री) के काम में लिप्त थे। वे मांग के अनुसार अलग-अलग अड्डों और मोहल्लों में जाकर चोरी-छिपे शराब की खेप पहुंचाते थे।
- शराब जब्त: समान थाना पुलिस ने मौके से बरामद पूरी अवैध शराब को जब्त कर लिया है, जिसकी कीमत हजारों रुपये आंकी जा रही है।
- कानूनी कार्रवाई: दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी एक्ट (Excise Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुख्य सरगना की तलाश, पुलिस खंगाल रही है कॉल डिटेल
समान थाना पुलिस अब पकड़े गए दोनों पैकारों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना है।
जांच के बिंदु —
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप गुढ़ में उन्हें किसने सप्लाई की थी? रीवा शहर के भीतर इसे किस मुख्य शराब माफिया या ठेकेदार के इशारे पर खपाया जा रहा था और इस पूरे रैकेट में रीवा और गुढ़ के कौन-कौन से अन्य सफेदपोश लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी रासुका और जिला बदर जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।







