सतना (आदित्य कॉलेज): मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की लचर और गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली का एक और बड़ा खामियाजा प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ा है। सतना जिला मुख्यालय स्थित आदित्य कॉलेज परीक्षा केंद्र पर रविवार को वन रक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा की द्वितीय पाली (Second Shift) तकनीकी खामी और सर्वर फेल होने के कारण ऐन वक्त पर निरस्त कर दी गई।
हजारों अभ्यर्थियों को करीब तीन घंटे तक परीक्षा कक्ष में सिर्फ इंतजार कराया गया और बाद में परीक्षा कैंसिल होने का थमा दिया गया। इस अव्यवस्था से आक्रोशित छात्रों ने पहले परीक्षा केंद्र पर हंगामा किया और फिर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

NSUI के नेतृत्व में फूटा गुस्सा, मुआवजे की मांग
- आनंद पाण्डेय ने संभाली कमान: एनएसयूआई (NSUI) के प्रदेश सचिव आनंद पाण्डेय के नेतृत्व में सैकड़ों पीड़ित छात्रों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की।
- आर्थिक-मानसिक नुकसान की भरपाई हो: छात्रों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि बार-बार सर्वर फेल होने से युवाओं का जो आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है, सरकार उसकी भरपाई करे।
रोजी-रोटी छोड़कर आए थे छात्र, रात रेलवे स्टेशन पर गुजारी; फूटा दर्द
इस परीक्षा के निरस्त होने से सबसे गहरा झटका दूर-दराज के जिलों (डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा, बालाघाट और जबलपुर) से आए गरीब परिवार के अभ्यर्थियों को लगा है, जो अपनी जेब काटकर सतना पहुंचे थे:
मजदूरी छोड़ आए थे धर्मेंद्र दुबे: डिंडोरी के रहने वाले अभ्यर्थी धर्मेंद्र दुबे कलेक्ट्रेट परिसर में ही भावुक हो गए। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा— “मैं मैकेनिक का काम करता हूं। अपनी दो दिन की रोजी-रोटी और मजदूरी छोड़कर, पेट काटकर सतना परीक्षा देने आया था। रात रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर काटी और सुबह यहां 3 घंटे बैठाकर कहते हैं कि सर्वर डाउन है, घर जाओ। हमारे आने-जाने का किराया और नुकसान की भरपाई कौन करेगा?”
20 जून को होगी दोबारा परीक्षा, पर छात्रों में भारी आक्रोश
छात्रों के बढ़ते भारी विरोध और कलेक्ट्रेट पर मचे बवाल को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से ज्ञापन लिया और उनकी मांगों को भोपाल (उच्च स्तर) तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
इस बीच कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने डैमेज कंट्रोल करते हुए इस रद हुई परीक्षा के लिए 20 जून 2026 की नई तिथि घोषित कर दी है। हालांकि, छात्रों का साफ कहना है कि दोबारा परीक्षा की तारीख दे देने से उनका जो समय, पैसा बर्बाद हुआ है और जो मानसिक तनाव मिला है, उसे कम नहीं किया जा सकता। बार-बार होने वाली ये तकनीकी खामियां साबित करती हैं कि व्यापमं (अब ईएसबी) का सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है।







