भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अंदरूनी सुगबुगाहट अब खुलकर सामने आने लगी है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दोनों घोषित प्रत्याशियों— राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ और मध्य प्रदेश के जमीनी नेता रजनीश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में पूरे दलबल के साथ विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। लेकिन इस पूरे शक्ति प्रदर्शन के बीच सबसे बड़ा धमाका पूर्व मंत्री और कद्दावर विधायक भूपेंद्र सिंह के एक बयान से हुआ है, जिसने कांग्रेस खेमे की धड़कनें तेज कर दी हैं।

भास्कर हाइलाइट्स: कैलाश विजयवर्गीय के बाद अब भूपेंद्र सिंह ने खोला मोर्चा
- सियासी गलियारों में हलचल: खुरई से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नामांकन के दौरान मीडिया से बात करते हुए पार्टी के आगामी रणनीतिक कदम का बड़ा संकेत दिया।
- क्या है दावा: भूपेंद्र सिंह ने कहा— “भारतीय जनता पार्टी की तैयारी पूरी है। हमारे पास विधानसभा में पूरा बहुमत और पर्याप्त समर्थन है। अगर पार्टी रणनीति के तहत मैदान में ‘तीसरा उम्मीदवार’ भी उतारती है, तो भी हमारी जीत 100 प्रतिशत तय है।”
क्या है ‘तीसरे उम्मीदवार’ का गणित? क्यों खतरे में है कांग्रेस की सीट?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी नेताओं द्वारा बार-बार ‘तीसरे कैंडिडेट’ की बात करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है:
- कांग्रेस में बगावत की सुगबुगाहट: खबरों के मुताबिक, राहुल गांधी के ‘नटराजन दांव’ के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के अंदरखाने में असंतोष की स्थिति बन रही है।
- क्रॉस वोटिंग का खतरा: अगर बीजेपी ऐन वक्त पर अपना तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतार देती है, तो संख्या बल और कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के सहारे वह कांग्रेस के तय गणित को बिगाड़ सकती है। ऐसे में कांग्रेस के खाते में जाने वाली सीट पर सीधे-सीधे खतरा मंडराने लगेगा।
नामांकन से पहले बीजेपी दफ्तर में बनी रणनीति, मंदिर में टेका माथा
शनिवार सुबह से ही राजधानी भोपाल में भारी सियासी सरगर्मी देखी गई:
- विधायकों की गुप्त बैठक: विधानसभा जाने से ठीक पहले प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पार्टी विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमें सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव की रणनीति और एकजुटता को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
- लिया जीत का आशीर्वाद: बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और दोनों उम्मीदवारों ने बीजेपी कार्यालय परिसर में स्थित शिव और हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।
- 15 कारों का काफिला: मंदिर में माथा टेकने के बाद नेताओं का काफिला 15 से अधिक चमचमाती कारों के साथ विधानसभा के लिए रवाना हुआ। जब प्रत्याशी अंदर पर्चा दाखिल कर रहे थे, तब रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के बाहर बीजेपी के कई कद्दावर विधायक डटे नजर आए।
भावुक पल: पत्नी ने तिलक लगाकर दी विदाई, बुंदेलखंड के नाम नया रिकॉर्ड
- आरती उतारकर किया विदा: उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल ने नामांकन दाखिल करने से पहले अपने घर पर कुलदेवता की पूजा की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी ने उन्हें तिलक लगाया और आरती उतारकर ऐतिहासिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। परिवार से आशीर्वाद लेते समय उनकी पत्नी काफी भावुक दिखाई दीं।
- बुंदेलखंड का नया इतिहास: इस टिकट के साथ ही रजनीश अग्रवाल के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड जुड़ने जा रहा है। वे बुंदेलखंड क्षेत्र से राज्यसभा जाने वाले पहले भाजपा नेता बनेंगे, जिससे इस पूरे अंचल के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है।
“हमारे दोनों प्रतिनिधि उच्च सदन (राज्यसभा) में मध्य प्रदेश के हितों और यहां की जनता की आवाज की प्रभावी पैरवी करेंगे। वे राष्ट्र के सतत विकास और जनकल्याण के हमारे संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
इस भव्य नामांकन के दौरान संगठन महामंत्री अजय जामवाल, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, गोविंद सिंह राजपूत, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक अपनी ताकत दिखाने के लिए मौजूद रहे।







