Sign In
/
/
MP में ‘हर घर नल से जल’ का महा-संकल्प: मार्च 2028 से पहले पूरा होगा जल जीवन मिशन; अक्टूबर में मनेगा ‘जल उत्सव’, पेयजल के लिए केंद्र से मिलेंगे ₹5000 करोड़

MP में ‘हर घर नल से जल’ का महा-संकल्प: मार्च 2028 से पहले पूरा होगा जल जीवन मिशन; अक्टूबर में मनेगा ‘जल उत्सव’, पेयजल के लिए केंद्र से मिलेंगे ₹5000 करोड़

[inb_subtitle]

विज्ञापन

The Khabrilal

Published On: Jun 2, 2026, 7:20 PM IST

Updated On: Jun 2, 2026, 7:20 PM IST

🔗 Link Copied!
🔗 Link Copied!

भोपाल, मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 2 जून को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की हाई-लेवल समीक्षा बैठक में सीएम ने सख्त निर्देश दिए कि बढ़ती गर्मी और पानी की किल्लत को देखते हुए मैदानी स्तर पर जलापूर्ति की सतत निगरानी की जाए। बैठक में प्रदेश की जनता को पानी के संकट से उबारने और जल संरक्षण के लिए कई दूरगामी और ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

Advertisement

1. जल जीवन मिशन: मार्च 2028 की डेडलाइन तय, 80% काम पूरा

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पत्तिया उइके ने मिशन की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी:

  • मिशन की रफ्तार: मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन का 80 फीसदी कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। सरकार ने मार्च 2028 से पहले प्रदेश के हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
  • शत-प्रतिशत वाले जिले: उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में मिशन का काम 100% पूरा हो चुका है। अब तक 14 हजार 200 गांवों को ‘हर घर जल’ घोषित किया जा चुका है और 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों (लगभग 75% परिवार) को नल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।
  • पंचायतों का सम्मान: मुख्यमंत्री ने अपने बलबूते नल-जल योजनाओं का सफल संचालन और संधारण करने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से पुरस्कृत और सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं।

2. दिल्ली से बड़ी राहत: केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय देगा ₹5,000 करोड़ का फंड

मध्य प्रदेश में पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से बड़ा वित्तीय सहयोग मिलने जा रहा है:

Advertisement

  • मंत्रालय से समन्वय: सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल तालमेल बिठाने को कहा है।
  • मिला ग्रीन सिग्नल: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मध्य प्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन जारी करने की अपनी सहमति दे दी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने भी वर्ष 2026-27 के बजट में प्रमुख जल योजनाओं के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया है।

3. देश का पहला ‘बोरवेल अधिनियम’ लाएगा MP; हादसों पर लगेगी रोक

मासूम बच्चों के खुले बोरवेल में गिरने की दुखद और आकस्मिक घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है:

ऐतिहासिक कानून: बोरवेल दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए सख्त बोरवेल अधिनियम बनाने वाला मध्य प्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है।

इसके साथ ही, विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत (Merge) करने का खाका भी तैयार किया जा रहा है।

4. हाईटेक होगी मॉनिटरिंग: कमांड सेंटर और IoT सेंसर्स से होगी पानी की निगरानी

जल प्रदाय व्यवस्था में पारदर्शिता और त्वरित शिकायत निवारण के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  • कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: राज्य और जिला स्तर पर पानी की सप्लाई को ट्रैक करने के लिए एक आधुनिक कमांड सेंटर स्थापित होगा।
  • स्मार्ट सेंसर्स: एकल नल-जल योजनाओं में IoT (इन्टरनेट ऑफ थिंग्स) सेंसर्स लगाए जाएंगे, जो पानी के फ्लो और लीकेज की सटीक जानकारी देंगे।
  • ऑनलाइन पोर्टल: जनता की शिकायतों और सुझावों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन ‘जलदर्पण’ पोर्टल तैयार किया गया है। इसके अलावा, पानी की शुद्धता जांचने के लिए प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को NABL से प्रमाणित कराया गया है।

5. सिर्फ ट्यूबवेल पर न रहें निर्भर, तालाबों से होगी ‘वॉटर रिचार्जिंग’

  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि पानी के लिए विभाग केवल नलकूपों (ट्यूबवेल) पर आश्रित न रहे। इसकी जगह जल संरक्षण के लिए तालाबों और सरोवरों का निर्माण कराया जाए, जिससे ग्राउंड वॉटर रिचार्ज हो सके और स्थायी जल संरचना विकसित हो। इस कार्य में ‘मैपकॉस्ट’ (MAPCOST) की विशेषज्ञ सेवाएं ली जाएंगी।
  • ग्रीन एनर्जी का उपयोग: मप्र जल निगम की समूह योजनाओं के संचालन खर्च को कम करने के लिए बिजली की जगह सौर ऊर्जा (Solar Energy) और पवन ऊर्जा (Wind Energy) परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।

6. अक्टूबर 2026 में मनेगा ‘जल उत्सव’

जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ऑपरेटर्स व नागरिकों को सम्मानित करने के लिए अक्टूबर 2026 में भव्य ‘जल उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जिसे वर्तमान में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ से जोड़ा जाएगा।

होम
MP ब्रेकिंग
Join करें
Join करें
मेन्यू